सूखी पड़ीं रजबहा व माइनर, सिंचाई नहीं कर पा रहे किसान
- पानी न मिलने से आलू, सरसों, मटर, धनिया, गेहूं आदि फसलें प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धौर (बाराबंकी)। जिले की सबसे लंबी नवाबगंज रजबहा पानी न छोड़े जाने से सूखी पड़ी है। जिसके चलते किसानों की आलू, सरसों, मटर, धनिया, गेहूं आदि फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
करीब 65 किलोमीटर लंबी नवाबगंज रजबहा से कई माइनर निकली हैं और सैकड़ों गांव के किसान रजबहा व इससे निकली माइनर पर सिंचाई के लिए निर्भर हैं। किसानों ने धनिया, आलू, मटर, गेहूं आदि की फसल बोई है। अब किसान सिंचाई के लिए रजबहा व माइनर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक रजबहा सूखी पड़ी है इसमें पानी नहीं छोड़ा गया है। ग्राम मुबारकपुर निवासी लल्लू यादव का कहना है कि उनकी चार बीघे सरसों की फसल सिंचाई के अभाव में खराब हो रही है वहीं सुहाना गांव के निवासी अमर सिंह व राज नारायण ने बताया की धनिया की फसल सींचने के लिए रजबहा में पानी आने की आस लगाए बैठे हैं। इनका कहना है कि कई किसानों के पास निजी इंजन बोरिंग भी नहीं है। जिन लोगों के पास निजी बोरिंग व इंजन है वह लोग तो अपनी फसलों की सिंचाई कर चुके हैं। इसके अलावा नियामतपुर निवासी विनोद कुमार का कहना है कि हमेशा नवाबगंज रजबहा में 15 नवंबर तक पानी छोड़ दिया जाता था लेकिन इस बार पूरा नवंबर बीतने को है लेकिन अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया। अवर अभियंता संदीप कुमार का कहना है कि नहरों की सफाई चल रही थी, जिसके चलते पानी अभी तक नहीं छोड़ा गया। अब सफाई कार्य लगभग पूरा हो गया है। जल्द ही नवाबगंज रजबहा में पानी छोड़ा जाएगा।