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सीबीसीआईडी ने अपनों को बचाने के लिए मृतका के दो बेटों को बना दिया आरोपी

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अपनों को बचाने के लिए मृतका के दो बेटों को ही बना दिया आरोपी
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- सीबीसीआईडी कर रही थी कोठी थाने में हुए नीतू द्विवेदी हत्याकांड की जांच
- तत्कालीन एसओ व एसआई पर दर्ज हुआ था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। प्रदेश में भले ही सत्ता परिवर्तन के बाद पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की कार्य प्रणाली सुधारने का दावा किया जा रहा हो लेकिन इसका असर पुलिस पर नहीं दिखाई दे रहा है। जिले में चर्चित रहा कोठी थाने में हुए नीतू द्विवेदी हत्याकांड में चल रही सीबीसीआईडी जांच में मृतका के दो पुत्रों पर ही केस दर्ज करवा दिया गया है। इस मामले में जहां तत्कालीन एसओ व एसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी वहीं सीबीसीआईडी अब पुलिस कर्मियों को बचाने में लगी है। करीब दो साल पहले हुई इस घटना में सीबीसीआईडी की अचानक तेजी ने उसकी कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए है।
इस घटना की विवेचना कर रहे सीबीसीआईडी लखनऊ के इंस्पेक्टर लल्लन सिंह ने मृतका नीतू द्विवेदी के दो बेटों नीरज व संतोष द्विवेदी के खिलाफ अपनी मां को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में कोठी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। कहा गया है कि महिला के साथ उसके दो बेटे थाने गए थे और वहां महिला को आग लगाकर आत्महत्या करने के लिए उकसाया गया था। हालांकि इस मामले में अभी कार्रवाई चल रही है।
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यह है मामला
5 जुलाई वर्ष 2015 को बगहा गांव की रहने वाली नीतू द्विवेदी के पति रामनरायन द्विवेदी को एक मामले में पुलिस पकड़ कर थाने लाई थी। इसके अगले दिन 6 जुलाई को नीतू द्विवेदी थाने अपने पति को छुड़ाने पहुंची थी जहां पर तत्कालीन एसओ रायसाहब यादव व एसआई अखिलेश राय उसके साथ अभद्रता व गलत व्यवहार किया था। इसके बाद महिला की थाने में ही आग लगने से जलकर मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने एसओ व एसआई के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने समेत कई धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। मामला काफी सुर्खियों में भी रहा था। जिसके कुछ दिन बाद शासन द्वारा इस घटना की जांच सीबीसीआईडी के सुपुर्द की गई थी और अभी तक जांच जारी है।

घटना के बाद कई दिन चला था बवाल
कोठी थाने में दो साल पहले हुई इस घटना के बाद कई दिनों तक बवाल चला था। भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत धरने पर बैठी थी वहीं एक भाजपा सांसदों की टीम दिल्ली से भी आई थी। इस मामले में दो साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब अचानक सीबीसीआईडी टीम ने तेजी दिखाते हुए यह साफ कर दिया है कि दोषी पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं करने का इरादा है।
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वर्जन
दो साल पहले हुए नीतू द्विवेदी हत्याकांड में सीबीसीआईडी के विवेचक द्वारा मृतका के दो पुत्रों के खिलाफ कोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी द्वारा ही की जा रही है।
-शशीकांत तिवारी, एएसपी, दक्षिणी
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