सामूहिक दुराचार के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरबीएस मौर्य ने दो आरोपियों को अलग-अलग कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों को जुर्माना भुगतनें का भी आदेश दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमरसिंह यादव ने बताया कि थाना दरियाबाद क्षेत्र के एक गांव में दो जुड़वा बहनें जिनकी उम्र करीब 15 वर्ष थी। 12 मार्च 2013 को दोनों बहनें पुराने घर से नए घर की ओर जा रही थी। तभी रास्ते में मिले गांव के गुरुप्रसाद ने बहाने से दोनों को घर बुला ले गया।
वहां पर पहले से मौजूद नूर आलम और गुरुप्रसाद ने दोनों से दुराचार किया। दोनों आरोपी बहनों को दरियाबाद स्टेशन ले गए। इसके बाद नूरआलम चला गया। वहां से गुरुप्रसाद दोनों को लेकर दिल्ली चला गया और एक बहन को बेच दिया।
गुरुप्रसाद ने दूसरी बहन को अपने साथ रख लिया। दुराचार के दौरान वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने गुरुप्रसाद को पीड़िता के साथ दरियाबाद रेलवे स्टेशन के पास पकड़ा। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना दरियाबाद में दर्ज कराई थी।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोेजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी गुरुप्रसाद को 12 वर्ष की कैद व 40 हजार रुपये जुर्माना तथा नूरआलम को 10 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।