सतरिख क्षेत्र के घिरईपुरवा गांव में सोमवार देर रात जमीन के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर की चपेट में आने से दोनों तरफ के करीब दस लोग घायल हो गए। घटना के बाद रात में पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई से भड़के ग्रामीणों ने मौके पर गए पुलिस वालों को खदेड़ दिया।
वहीं जिला अस्पताल पहुंचे घायलों को इलाज भी नहीं मिल सका। मामले में कार्रवाई न होने पर मंगलवार को पीड़ितों ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया वहीं थाने पहुंची महिलाओें ने थाना घेरकर जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के आठ लोगों के खिलाफ मारपीट समेत कई धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना सतरिख क्षेत्र के घिरईपुरवा गांव के रहने वाले रामलखन साहू सोमवार को अपने खेत में चारों ओर तार बांध रहे थे। इसी के बगल में मंशाराम यादव का भी खेत है। तार बांधने के विरोध में मंशाराम व रामलखन के बीच विवाद होने लगा।
इसके बाद रात में दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई। पुलिस के पहुंचने पर भी लोग शांत नहीं हुए और पुलिस के सामने भी जमकर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चले। इस मारपीट की घटना में एक पक्ष से रामलखन साहू, इनके पुत्र दुर्गेश, शिवपाल व एक महिला व भल्लर और प्रमोद घायल हो गए।
वहीं दूसरे पक्ष से अनिल कुमार, पुष्पा देवी, निशा, कृष्णावती भी घायल हो गई। घायलों को सीएचसी सतरिख भेजा गया जहां से दुर्गेश साहू, शिवपाल व एक महिला की हालत नाजुक होनेे के चलते उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
पुलिस ने दोनों पक्षों के आठ लोगोें पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस द्वारा एकपक्षीय कार्रवाई करने के विरोध में मंशाराम यादव पक्ष के लोग भड़क उठे और सिपाही शैलेंद्र सिंह को दौड़ा लिया। ग्रामीणोें का आरोप है कि सिपाही शैलेंद्र ने घर का दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने के साथ ही महिलाओं से भी अभद्रता की।
इसके बाद नाराज लोगों ने पुलिस कर्मियों को गांव से भगा दिया। वहीं दूसरे पक्ष के रामलखन साहू की ओर से मामले में सही तरीके से कार्रवाई न होने पर मंगलवार की सुबह सतरिख थाने पहुंची महिलाओं ने थाना घेरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
एसओ जितेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि घिरईपुरवा गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला है जिसमें दोनों पक्ष के आठ लोगाें पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कोई एकपक्षीय कार्रवाई नहीं की है।