बाराबंकी। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को प्रशासन सोमवार को सीजेएम की अदालत में उपस्थित नहीं करा सका। प्रभारी सीजेएम कमला पति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में जाकर मामले की वर्चुअल सुनवाई की। सुनवाई के दौरान आरोपी मुख्तार अंसारी ने जिला जेल बांदा से ही अपने इस केस की खुद बहस की।
इस दौरान मुख्तार के तर्क को प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कमलापति ने ध्यानपूर्वक सुनने के बाद मामले में अगली रिमांड डेट 28 जून नियत कर दी। मुख्तार अंसारी ने सुनवाई के दौरान कहा कि उन पर कोई आरोप एंबुलेंस के पंजीयन मामले में नहीं बनते।
बताते चलें कि मुख्तार अंसारी ने पंजाब में बीते दिनों पेशी पर जाते समय बाराबंकी के रजिस्ट्रेशन नंबर की एक एंबुलेंस का इस्तेमाल किया था। तभी से यह मामला सुर्खियों में आया था। काफी छानबीन के बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज कुमार ने कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में विवेचक ने अब तक करीब आधा दर्जन आरोपियों को विवेचना में आरोपी दर्शा कर जेल भेजा है। मुख्तार अंसारी को भी विवेचक ने साजिश का आरोपी मानकर बी वारंट पर बांदा से बाराबंकी कोर्ट में तलब करने की मांग की थी। जिस पर कोर्ट ने 14 जून को मुख्तार अंसारी को बाराबंकी कोर्ट में तलब किया था। (संवाद)