रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। तासीपुर गांव स्थित कल्याणी नदी के तट पर बने नर्वदेश्वर मंदिर के निकट रह रहे एक पुजारी पर गांव के ही तीन लोगों ने बुधवार रात को जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। सीएचसी से घायल पुजारी को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र के तासीपुर गांव के बाहर कल्याणी नदी के पुल के दूसरी ओर भगवान भोलेनाथ का नर्वदेश्वर मंदिर बना हुआ है। इसी मंदिर के निकट एक बड़े से पीपल के वृक्ष के नीचे कई वर्षों पूर्व बाबा घनश्याम दास (65) आकर रहने लगे थे। उन्होंने पीपल के नीचे ही पन्नी तानकर अपना आशियाना बना रखा था। वह मंदिर के आसपास सफाई रखते थे। इस दौरान जो भी श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आता था वह बाबा को कुछ न कुछ दान दे देता था।
गांव के ही कुछ लोग मंदिर पर कब्जा करने की नीयत से उन्हें हटाने के लिए कई बार लड़ाई-झगड़ा कर चुके थे, लेकिन बाबा हमेशा इसे टाल जाते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, बाबा ने उन लोगों से कहा था कि वह मंदिर के अंदर ना जाकर केवल बाहर ही पूजापाठ करेंगे जिसे भी मंदिर के अंदर पुजारी बनना हो बन जाए। लेकिन बाबा के रहते इन लोगों की दाल नहीं गल रही थी।
बुधवार की रात कुछ लोगों ने पन्नी के अंदर सो रहे बाबा पर जानलेवा हमला कर दिया। बाबा उन लोगों से जान बचाकर गांव की ओर भागे। जहां ग्रामीणों ने बाबा को घायल अवस्था में देखकर पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने गांव के ही गुड्डू व बृजेश और गडरियन पुरवा निवासी मिलन को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल सच्चिदानंद राय ने बताया कि तीनों लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है।
पुजारी हत्याकांड में भी पुलिस खाली हाथ
बीते 25 मई को टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम खमौली में हनुमान मंदिर के पुजारी सुरेश की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे पुजारी के कमरे में रखे बक्से का ताला तोड़कर उसमें रखा सामान उठा ले गए थे पूरे कमरे में सारा सामान बिखरा हुआ पड़ा था। इस घटना में एक चौकी प्रभारी व सिपाही को कप्तान ने निलंबित भी किया था। साथ ही इंस्पेक्टर को चेतावनी दी थी। लेकिन अभी तक वारदात में पुलिस खुलासे के करीब नहीं पहुंच सकी है।