पति की हत्या के मामले में कोर्ट ने पत्नी व प्रेमी समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना देने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने एक आरोपी को संदेह का लाभ देेेेते हुए बरी किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि कोतवाली देवा के ग्राम उमरी निवासी लालजी की शादी कोतवाली चिनहट लखनऊ के ग्राम धौकलपुर निवासी कविता पुत्री बाबूलाल के साथ हुई थी। लालजी शादी के बाद से ससुराल में रहता था।
लालजी का मौसेरा भाई विश्वनाथ भी धौकलपुर में रहने लगा था। लालजी के साथ विश्वनाथ एक कंपनी में नौकरी करता था। इसी दौरान विश्वनाथ के अवैध संबंध कविता से हो गए। इस कारण कविता व विश्वनाथ ने लालजी को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
कविता के कहने पर 20 सितंबर 2013 को विश्वनाथ व उसके साथी रंजीत ने लालजी को शारदा नहर किनारे बुलाया। वहां आरोपियों ने बांके से लालजी की हत्या कर दी और शव झाड़ी में छिपा दिया।
मृतक के भाई रामू ने कविता, विश्वनाथ, रंजीत व विक्की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपर सत्र न्यायाधीश उदयभान सिंह ने कविता, विश्वनाथ व रंजीत को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने का भी आदेश दिया है। विक्की को संदेह के लाभ में दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया।