बाराबंकी। जिले के दो हजार स्वास्थ्य कर्मियों को शुक्रवार को कोरोना की दूसरी खुराक दी गई। इसके लिए जिले के दस अस्पतालों को टीकाकरण केंद्र बनाया गया। नामित नोडल अधिकारियों ने अस्पतालों में पहुंच टीकाकरण का जायजा लिया और दूसरी डोज लगवाने के लिए आए स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। इस बार भी टीका लगवाने में महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा कहीं ज्यादा रहीं।
कोरोना की दूसरी खुराक दिए जाने के लिए जिले के दस अस्पतालों को टीकाकरण केंद्र बनाया गया। इन केंद्रों के माध्यम से 2072 को दूसरी डोज दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लेकिन इस दौरान करीब 2003 कर्मियों ने अस्पतालों में पहुंचकर कोरोना का दूसरा टीका लगवाया। इस बार भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। इस दौरान 613 पुरुषों और 1390 महिलाओं को कोरोना की दूसरी खुराक दी गई।
कोरोना का दूसरा टीका लगवाकर सीएचसी सिद्धौर पर मौजूद डॉक्टर नरेन्द्र ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है इसलिए इसको लेकर किसी तरह का भ्रम न पालें। हम लोगों को पहला टीका लगने के बाद आज दूसरा टीका लगाया गया। हम लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।
इसी प्रकार रामसनेहीघाट पर एएनएम बृजबाला द्वारा अनुराग पाठक और विशाल वर्मा को कोरोना का दूसरा टीका लगाया गया। इन लोगों ने बताया कि कोरोना का टीका लगवाकर ही हम कोरोना की जंग जीत सकते हैं। इसलिए जिन लोगों का नाम लिस्ट में आ गया हो उन्हें टीका जरुर लगवाना चाहिए।
कहां कितने लोगों ने लगवाया टीका
जिला अस्पताल में 110, जिला महिला अस्पताल में 132, हिंद अस्पताल में 330, मेयो अस्पताल में 264, रामसनेहीघाट में 196, सतरिख में 272, हैदरगढ़ में 146, त्रिवेदीगंज में 149, सिद्वौर में 202 और जाटाबरौली में 191 को कोरोना का दूसरा टीका लगाया गया।
2072 कर्मियों को कोरोना का दूसरा टीका लगाया जाना था लेकिन शाम तक 2003 लोगों को दूसरा टीका लगाया गया। इसके लिए जिले में दस अस्पतालों को टीकाकरण केंद्र बनाया गया था। वहीं नामित किए गए नोडल अधिकारी पूरे दिन भ्रमण पर रहे। शासन से निर्देश मिलने के बाद अगले चरण की तिथि जल्द ही निर्धारित की जाएगी।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ