बाराबंकी। कोरोना संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाए जाने के उद्देश्य से शुरू किए गए जांच अभियान के तहत बुधवार को पहले दिन करीब 11 हजार लोगों की कोरोना की जांच की गई। लेकिन देरशाम तक इसका पूरा डाटा जुटाया नहीं जा सका था कि जिन लोगों की जांच की गई है उनमें से कितने लोग संक्रमित पाए गए हैं।
शासन के आदेश पर बुधवार से गांव-गांव कोरोना जांच अभियान की शुरूआत की गई है। इसके लिए जिले में तीन हजार आशाओं के साथ ही उनके सहयोग के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया है। इसके लिए दो सदस्यीय टीम बनाई गई है जिसे एक दिन में कम से कम 40 घरों में पहुंचकर लोगों की कोरोना की जांच करनी है। इसके लिए टीम को ग्लब्स, सैनिटाइजर के साथ ही जांच किट और दवाओं की किट भी उपलब्ध कराई गई है।
बुधवार को इन टीमों द्वारा करीब 11 हजार लोगों की कोरोना की जांच की गई। लेकिन इनमें कितने लोग संक्रमित पाए गए इसका डाटा देरशाम तक जुटाया नहीं जा सका था। उधर टीमें गांवों में पहुंच कोरोना की जांच कर रही हैं इसकी हकीकत जांचने के लिए एसडीएम फतेहपुर पंकज सिंह सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय वर्मा के साथ उजरवारा गांव पहुंचे और जांच में लगी टीम को आवश्यक निर्देश दिए।
इसी प्रकार एसडीएम सदर अभय पांडेय भी तहसीलदार के साथ धरसनिया गांव जांच करने पहुंचे और जांच में लगी टीम से आवश्यक जानकारी ली तथा निर्देशित करते हुए कहा कि गांव में सभी लोगों की जांच की जाए और संक्रमित पाए जाने पर पहले से गठित टीम को इसकी सूचना दी जाए। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा का कहना है कि टीमों द्वारा कितने लोगों की जांच की गई है इसका डाटा जुटाया जा रहा है।
कोरोना और कोरोना जैसे लक्षणों से हो चुकी है कईयों की मौत
शहर से सटे फतेहाबाद में कोरोना और कोरोना के लक्षणों से करीब दस लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। लेकिन इस यहां आज तक न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुुंची और न ही सैनिटाइजेशन ही कराया गया। इसी प्रकार हैदरगढ़ के हरिपालपुर में आशा बहु समेत 9 लोगों की तो पेचरुआ गांव में अब तक करीब दस लोगों की जान जा चुकी है। इसी प्रकार जिले में कई गांव ऐसे हैं जहां कई लोगों की मौत कोरोना और कोरोना जैसे लक्षणों से हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे अंजान बना हुआ है।