बाराबंकी। जिले में प्रवासियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार और क्वारंटीन सेंटरों को संचालित कर दिया गया है। इस तरह तहसीलों में संचालित किए जाने वाले क्वारंटीन सेंटरों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। यहां शुक्रवार की देरशाम तक करीब तीन सौ लोगों को ठहराया गया था। यहां रहने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे लेकर प्रशासन ने सभी एसडीएम को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
जिले में चिह्नित क्वारंटीन सेंटरों की संख्या 533 है। अभी तक जिले के सभी छह तहसीलों में 37 क्वारंटीन सेंटर ही संचालित किए जा रहे थे लेकिन ईद के बाद से प्रवासियों के आने की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए तहसीलों में चार और क्वारंटीन सेंटर संचालित करने के आदेश दिए गए हैं। इस तरह मौजूदा समय में सभी तहसीलों में 41 क्वारंटीन सेंटरों का संचालन किया जा रहा है।
शुक्रवार की देरशाम तक यहां करीब तीन सौ लोगों को ठहराया गया था। प्रशासन के अनुसार गैरप्रांतों से आने वाले लोगों को यहां तब तक रखा जाता है जब तक कि स्वास्थ्य विभाग की टीम इनकी जांच नहीं कर लेती है। यदि जांच में कोरोना के लक्षण प्रतीत होते हैं तो इन्हें इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन करा दिया जाता है और सामान्य पाए जाते हैं तो सभी को होम क्वारंटीन करा दिया जाता है। यहां रहने वाले प्रवासियों को भोजन आदि की सुविधा तहसील प्रशासन की ओर से मुहैया कराई जाती है।
अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में 41 आश्रय स्थल मौजूदा समय में संचालित किए जा रहे हैं। इन पर रहने वाले प्रवासियों के खाने-पीने की व्यवस्था सभी एसडीएम को सौंपा गया है।