मिट्टी के अवैध खनन में सतरिख पुलिस द्वारा जमकर अवैध वसूली की जा रही है। थाने में तैनात एक सिपाही द्वारा अवैध खनन करने वाले से चौकी इंजार्च के नाम पर साढ़े आठ हजार रुपये की मांग की। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिपाही को निलंबित कर चौकी इंचार्ज व एसओ की भूमिका की जांच शुरू कराई है।
ऑडियो में हुई बातचीत के अनुसार सतरिख थाना क्षेत्र में तैनात सिपाही परमात्मा से लोखड़िया गांव निवासी धर्मपाल ने फोन कर पूछा कि आपका फोन आया था क्या आदेश है। इस पर सिपाही ने धर्मपाल से कहा कि मिट्टी में आपकी गाड़ी चल रही है...।
जवाब मिला हां। इसका पैसा किसको दिया...। कहा, अभी किसी को नहीं। किसको देना है बता दीजिए। आपको देना है क्या...? चौकी इंजार्च को देना है, आ जाओ आपकी बात करा दें। बातचीत के दौरान धर्मपाल काफी संयम बरत रहा था तो सिपाही सीधे तौर पर साढे़ आठ हजार रुपये की डिमांड की। बातचीत का यह आडियो पुलिस के एक वाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया गया है।
मामला तूल पकड़ने पर एसपी वैभव कृष्ण ने इस मामले में सिपाही को निलंबित कर दिया है। जबकि सतरिख एसओ विजय शंकर यादव व चौकी इंचार्ज की भूमिका की जांच शुरू करा दी है। एसपी ने कहा यह बहुत गंभीर मामला है और यदि इसमें एस ओ व चौकी इंचार्ज की संलिप्तता मिलेगी तो उन्हें भी निलंबित किया जाएगा।
पुलिस की मिलीभगत से चल रहा खनन कारोबार
जमीन व अन्य मामलों में कार्रवाई के लिए पीड़ित को प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाने की बात कहने वाली जिले की पुलिस मिट्टी के अवैध कारोबार में बराबरी की हिस्सेदार बनी हुई है। रामनगर, कोठी, सतरिख, जैदपुर, सफदरगंज, रामसनेहीघाट, बदोसराय, टिकैतनगर, देवा, कुर्सी समेत कई ऐसे थाने है जहां प्रतिमाह पुलिस को खनन में लाखोें रुपये महीने मिलता है। अधिकारियों को भी यह पता रहता है लेकिन उसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर खनन माफिया बेखौफ अपना काम कर रहे हैं।