कोटवाधाम । शारदा सहायक डबल नहर के खंड-25 पर बनी इचौली माइनर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा करीब 40 वर्षों बाद भी नहीं मिलने से अमनियापुर, तासीपुर और मदारपुर गांवों के 50 से अधिक किसान परेशान हैं। ग्रामीण न्याय के लिए वर्षों से तहसील और न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में लगभग 35 से 40 वर्ष पहले कस्बा इचौली माइनर का निर्माण हुआ था। इस माइनर के लिए 20 से अधिक गांवों की कृषि भूमि अधिग्रहित की गई थी। कई किसानों को उस समय मुआवजा मिल गया था, लेकिन अमनियापुर, तासीपुर और मदारपुर के कुछ किसानों को आज तक भुगतान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि माइनर खेत के बीच से निकाली गई थी, जिसका उस समय कई किसानों ने विरोध भी किया था, पर अधिकारियों ने उचित मुआवजा देने का आश्वासन देकर काम पूरा करवा लिया था। लेकिन अभी तक किसी को भुगतान नहीं मिला है।
किसान केशवराम वर्मा, शिव कुमार, विक्रमजीत, रामप्रसाद रावत, रेखा दीक्षित, धीरेन्द्र तिवारी, रामू, गोविंद शरण बाजपेयी, मुनमुन कश्यप, धन कुमार और सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि मुआवजे के लिए तहसील के चक्कर काटने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। तासीपुर के ग्रामीणों ने न्यायालय में अर्जी भी लगाई थी, लेकिन कई दावेदारों के निधन के कारण सुनवाई लंबित है। करीब 50 किसान अपनी जमीन का हक पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रीति सिंह ने बताया कि उन्हें पहले इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। मामला अब संज्ञान में आया है और इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी।