अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर कमिश्नर से मिलने पहुंचे तो वे वकीलों से मिलने के बजाए कोतवाली का निरीक्षण करने चले गए। इससे अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़क उठा।
नाराज अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन व विरोध में नारे लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। यह देख अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने इसकी जानकारी कमिश्नर को दी।
इसके बाद उन्होंने अधिवक्ताओं को बुलाकर बातचीत की और मांगों का ज्ञापन लेकर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया तब जाकर अधिवक्ता शांत हुए।
कमिश्नर फैजाबाद एसपी मिश्र शुक्रवार को तहसील का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में अधिवक्ता उनसे मिलने के लिए पहुंचे लेकिन कमिश्नर ने मिलने से मना कर दिया और तहसील से सीधे कोतवाली का निरीक्षण करने चले गए।
कमिश्नर के इस रवैये से अधिवक्ता भड़क उठे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। वकीलों का आरोप था कि पहले मिलने का समय देकर बुलाया गया और जब अधिवक्ता मिलने के लिए आए तो कमिश्नर कोतवाली का निरीक्षण करने चले गए।
जैसे ही यह जानकारी आला अधिकारियों को हुई तो उनके हाथ-पांव फूल गए। करीब एक घंटे तक वकीलों का हंगामा चलता रहा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन अधिवक्ता अपनी जिद पर अडे़ रहे।
मामला बिगड़ता देख इस बात की जानकारी कमिश्नर को दी गई तो वह मिलने के लिए तैयार हुए जिसके बाद किसी तरह वकीलों का गुस्सा कम हुआ। उन्होंने अधिवक्ताओं को बुलाकर उनसे बातचीत की।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने उन्हें छह सूत्री मांगो का ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के निराकरण की मांग की। इस मौके पर पूर्व बार अध्यक्ष गिरीश चंद्र वर्मा, योगेंद्र सिंह बल्लू, राजीव नयन तिवारी, महामंत्री केशवराम, अकबाल सिंह कुशवाहा, हरिनाम वर्मा, शीलरत्न मिहिर, अवधेश सिंह व संजय आदि मौजूद रहे।