बाराबंकी। कोरोना वायरस को बंद स्कूल-कालेज एक जुलाई से खोले जाएंगे। हालांकि पहले केवल शिक्षक ही विद्यालय में उपस्थित रहकर उसकी साफ-सफाई के साथ शिक्षा- व्यवस्था की रणनीति तैयार करेंगे। इसके बाद सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो विद्यार्थियों को बुलाकर शिक्षण कार्य शुरू होगा। मगर, यह कब से होगा इसको लेकर विभाग को शासन के आदेश का इंतजार होगा।
कोविड- 19 को लेकर 22 मार्च से बंद स्कूल- कॉलेज 99 दिन बाद एक जुलाई से खोलने की तैयारियां शुरू हो गई है। हालांकि एक जुलाई से शिक्षण कार्य तो नहीं होगा। मगर, विद्यालयों में शिक्षक व कर्मचारियों की उपस्थित अनिवार्य होगी। इसको लेकर डीआईओएस व बीएसए ने शिक्षकों व कर्मचारियों को हाजिर होने का आदेश जारी किया है। इस दौरान काफी समय से बंद विद्यालयों की साफ-सफाई तो विद्यार्थियों की पढ़ाने की रणनीति स्टाफ के साथ बैठकर तैयार करेंगे।
डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि एक जुलाई से माध्यमिक विद्यालय खोले जाएंगे। शिक्षक व कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। कोविड-19 को लेकर स्कूल कॉलेज बंद होने के कारण बिना परीक्षा कक्षोन्नति पाने वाले विद्यार्थियों के प्रमाण-पत्र तैयार किए जाएंगे। वहीं विद्यार्थियों को पढ़ाई को लेकर सभी शिक्षक अपने-अपने विषय के नोटस तैयार करेंगे। इसके बाद एक-एक दिन एक-एक क्लास के बच्चों को बुलाकर कक्षोन्नति प्रमाण-पत्र के साथ नोट्स दिया जाएगा जिसमें होमवर्क भी होगा।
एक जुलाई से सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों का विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे। बीएसए ने इसके आदेश जारी कर दिए है। इस दौरान शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित रहने के दौरान प्रशासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए छोटे-छोटे समूह में बच्चों व उनके अभिभावकों को बुलाकर पाठ्य-पुस्तके व निश्शुल्क ड्रेस का वितरण कराएंगे।