कहीं पर मतदाताओं को लुभाने के लिए साड़ियां बांटने के लिए ले जाई जा रहीं तो कहीं पर वाहनों के काफिले से जुलूस निकाल शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा। लेकिन चुनाव की सख्ती के बाद भी लापरवाह अधिकारियों के कारण अभी तक सिर्फ आठ ही मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही 11 वाहनों को पुलिस ने सीज किया है।
केस एक
बसपा जिलाध्यक्ष की पत्नी के खिलाफ केस
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम की पत्नी कमला देवी देवां तृतीय से जिला पंचायत सदस्य पद की उम्मीदवार हैं।
बृहस्पतिवार की रात बंकी इलाके में फरिस्तीपुर गांव के पास पुलिस ने एक वाहन पकड़ा जिसमें दस साड़ी रखी थी। वाहन पर बसपा जिलाध्यक्ष पत्नी के चुनाव प्रचार का सामान भी था। पुलिस ने वाहन चालक धर्मेद्र निवासी ग्राम महोलिया कोतवाली देवां से पूछा तो उसने बताया कि यह साड़ी चुनाव क्षेत्र में बांटने के लिए जा रही है।
शहर कोतवाल अनिरुद्ध सिंह ने वाहन को सीज कर बसपा जिलाध्यक्ष पत्नी व वाहन चालक के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की है। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम का कहना है कि इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मुझे और पार्टी को बदमान करने की साजिश है।
केस दो
वाहनों के साथ निकाला जुलूस
अंसद्रा थाना क्षेत्र में शनिवार को डीडीसी प्रत्याशी संतोष सिंह और धर्मेन्द्र यादव के समर्थकों ने करीब एक दर्जन चौपहिया वाहनों से जुलूस निकाल आदर्श आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो अधिकारियों ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए।
जिस पर पहुंची पुलिस ने करीब एक दर्जन चौपहिया वाहन पकड़ कर थाने ले आई। पुलिस ने इनमें से सातों वाहनों को सीज कर दिया है वाहन स्वामियों के खिलाफ आचार संहिता उल्ल्घंन की रिपोर्ट दर्ज गई है। जबकि पांच वाहन चालकों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना करके छोड़ दिया गया है।
इसके अलावा कोतवाल हैदरगढ़ ने बताया कि त्रिवेदीगंज क्षेत्र से डीडीसी पद की प्रत्याशी सरला देवी और वाहन चालक शिवनरायन, जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवार श्यामकली और वाहन चालक बसीर हैदर तथा शिवश्याम मिश्रा और इनके वाहन चालक श्याम सुंदर के खिलाफ आचार संहिता के उल्लघंन की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एडीएम ने दिए जांच के आदेश
फतेहपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खैरा में प्रधानाध्यापक ने ब्लॉक प्रमुख राजेन्द्र गौतम से बच्चों में ड्रेस का वितरण कराकर आचार संहिता का उल्लघंन किया। जबकि आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी कार्यक्रम में कोई नेता न तो शिरकत कर सकता है और न ही वह कुछ बांट सकता है।
लेकिन ब्लॉक प्रमुख ने ऐसा करके न केवल आचार संहिता का उल्लंघन किया बल्कि ये साबित किया कि आचार संहिता उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है। जानकारी के बाद अपर जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पंचायत चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद जिले में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हैं इसके अलावा धारा 144 भी लागू की गई है। आचार संहिता का अनुपालन कराने के आदेश सभी अधिकारियों को दिए गए हैं।
उम्मीदवारों को आचार संहिता के दायरे में रहकर प्रचार प्रसार करने को कहा गया है। इसके बाद भी यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-योगेश्वर राम मिश्र, जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी