बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर राज्यमंत्री समेत जिले के तीन विधायकों व एमएलसी के साथ अनेक बिंदुओं पर चर्चा की। लोकसभा चुनावों में हार के कारणों पर चिंतन करने के साथ जनता के बीच बने रहने की नसीहत दी।
उन्होंने विकास कार्यों को धरातल पर उतारने पर जोर दिया। वे बाराबंकी की बाढ़ नहीं भूले। कहा कि बाढ़ पीड़ितों का दर्द समझें। निगरानी करते रहें। चर्चा के दौरान जिले के माननीयों ने हाईवे, सड़कें, पुल व कॉलेज स्टेडियम के प्रस्ताव सीएम को दिए।
रविवार रात करीब आठ बजे तक अयोध्या मंडल की बैठक करने के बाद जब बाराबंकी की बारी आई तो दरियाबाद के विधायक व खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने जिले की विकास योजनाओं के मौजूदा हालात के बारे में बताया। सरयू की बाढ़ को लेकर अब तक किए गए प्रबंध की जानकारी दी। उन्होंने कई विकास कार्यों से बेहतर व्यवस्था होने की बात भी कही।
इस दौरान कुर्सी के विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने देवा के बाहर से फतेहपुर के मदनपुर तक 20 किमी लंबे फोरलेन हाईवे पर चर्चा की। इसके लिए 649 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। 84 कोसी हाईवे के बाद इस पर जल्द काम शुरू होने पर चर्चा हुई।
वहीं हैदरगढ़ के विधायक दिनेश रावत ने हैदरगढ़ में आईटी कॉलेज, स्टेडियम, टीकाराम बाबा स्थल के पास गोमती नदी पर पुल का लिखित प्रस्ताव दिया। सीएम ने एमएलसी अंगद कुमार सिंह से भी चर्चा की। विधायक दिनेश रावत ने बताया कि सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों की जायज बात को न सुनने वाले अधिकारियों की शिकायत पर कार्रवाई करने की बात कही।