महादेवा (बाराबंकी)। सीएम योगी आदित्यनाथ जल्दी ही श्री लोधेश्वर महादेवा में कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सेदारी कर सकते हैं। बृहस्पतिवार को अधिग्रहण किए गए भवनों का ध्वस्तीकरण शुरू हो गया। प्रशासन ने खाली पड़े चार मकानों पर ही बुलडोजर चलाया है। बाकी लोगों को मकान खाली करने के लिए कहा गया है।
महादेवा कॉरिडोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पिछले साल बाढ़ पीड़ितों से मिलने आए मुख्यमंत्री ने मंदिर में जलाभिषेक के दौरान काशी की तर्ज पर कॉरिडोर निर्माण की घोषणा की थी। कॉरिडोर के लिए 127 दुकान और मकान चिन्हित किए गए थे। मूल्यांकन के बाद भवन स्वामियों को सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दिया गया है। इसके लिए प्रशासन ने 48 करोड़ रुपये से चिन्हित भवनों व जमीनों की रजिस्ट्री कराई है। अब लोक निर्माण विभाग की टीम ने ध्वस्तीकरण कार्य शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार टीम ने खाली पड़े मकानों पर बुलडोजर चलाया। साथ ही अन्य मकानों में रह रहे लोगों से राजस्व प्रशासन की टीम ने मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम रामनगर पवन कुमार ने बताया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान ही भवन व जमीन के स्वामियों से सहमति पत्र लिया गया था। कॉरिडोर के दायरे में आने वाले सभी मकानों व जमीनों के मालिकों को मुआवजा दे दिया गया है। कॉरिडोर निर्माण में किसी प्रकार की अड़चन नहीं आएगी।