फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवे मेले का समापन

Sun, 15 Oct 2017 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की पावन तपोभूमि पर चलने वाले  देवा महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को परंपरागत ढंग से आतिशबाजी के बीच समापन हुआ। रविवार रात पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह की धर्मपत्नी सुनीता सिंह ने आतिशबाजी के कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद आसमान आतिशबाजी के रंगों से भर गया। चरखी, झूला, हवाई आतिशबाजी, अनार आदि पटाखों के रंगों से आसमान चमक उठा।
विज्ञापन


इंद्रधनुषी रंगों ने आसमान पर मानों कब्जा कर लिया हो। तमाम रंगों की फुलझड़ी छोड़ते पटाखों की गूंज से महोत्सव रोशनी से भर गया। इसकी एक वजह सर्वश्रेष्ठ आतिशबाज की प्रतियोगिता भी रही। एक दूसरे को पीछा छोड़ने के लिए आतिशबाजों ने आपस में होड़ लगी रही। इस होड़ में ...आतिशबाज ने बाजी मार ली। 

देवा गायक आलोक जायसवाल ने रविवार को प्रेक्षागृह में सदाबहार गीतों की प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया। उन्होंने ...तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना, जग ढूंढ्या थारे जैसा न कोई, तुम ही हो, अच्छा चलता हूं दुआओं में याद रखना सहित कई अन्य गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस दौरान काफी संगीत प्रेमी श्रोता मौजूद रहे।
विज्ञापन


देश विदेश में मशहूर हाजी वारिस अली शाह का सालाना उर्स खट्टी-मीठी यादों के बीच एक वर्ष के लिए विदा हो गया। देवा महोत्सव के सांस्कृतिक ऑडिटोरियम मेें लगातार गीत, गजल, कव्वाली से लेकर भोजपुरी लोकगीतों की धूम रही। नामचीन शायरों और कवियों की हास्य व्यंग्य की रचनाओं ने सबका खूब मनोरंजन किया।

सतरंगी छटा से जगमग मजार से लेकर पूरे कस्बे का नजारा देखने लायक था। बाबा के प्रति जायरीन की अटूट श्रद्धा का आलम यह था कि रात भर चादरपोशी, पालकी निकालकर जियारत होती रही। तैयारियों के बीच में कभी बिजली गुल होना, भीड़ से यातायात की ध्वस्त समस्या से भी लोग रुबरू हुए।

सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की नगरी में लगने वाले वार्षिक देवा महोत्सव का आज रविवार को परंपरागत ढंग से आसमानी आतिशबाजी के बीच समापन हो गया। देवा मेला समिति प्रदर्शनी समिति द्वारा महोत्सव परिसर में विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक, भजन गजल, कव्वाली के अलावा शासन की योजनाओं की जानकारी के लिए गोष्ठियां काफी हद तक सार्थक रहीं।

डॉ. ममता जोशी, प्रताप फौजदार, राशि रागा, इमरान  की परफार्मेंस ने अमिट छाप छोड़ी। इसके अलावा कवि सम्मेलन व ऑल इंडिया मुशायरा में नामचीन कवि व शायरों का जमावड़ा हुआ। वहीं बॉलीवुड सिंगर अनामिका सिंह व रितु पाठक, देवोजित साहा के गीतों पर लोग जमकर थिरके। इसके अलावा कृष्ण लीला, ब्रज की होली, भजन संध्या, गजल संध्या, लोक कला संध्या से लेकर सूफी नृत्य नाटिका का मंचन यहां लोगों ने खूब सराहा।

वहीं मेले में अत्यधिक भीड़ बढने पर वीआईपी और बाईपास मार्गों पर यातायात व्यवस्था कई बार चरमराई। मजार रोड पर पहली बार ठेले वालों से की गई पुलिस की वसूली ने किरकिरी कराई। कुल मिलाकर देवा महोत्सव 2017 अपने आयोजन की सफल इबारत लिखने में कामयाब होता दिखा।

देवा महोत्सव के हॉकी ग्राउंड में रविवार को अध्यक्ष एकादश व जिलाधिकारी एकादश के बीच सद्भावना मैच खेला गया। सद्भावना मैच देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। जिलाधिकारी एकादश की ओर से मुख्य विकास अधिकारी व एसडीएम ने कई बेहतरीन शॉट लगाए तो वहीं अध्यक्ष एकादश की ओर से राय स्वरेश्वर बली ने भी गोल करने का प्रयास किय। कोई भी टीम गोल तक नहीं पहुंच सकी। एडीएम, क्षेत्राधिकारी नगर व एएसपी ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया तो दर्शकों ने खूब तालियां बजाई।       
देवा मेला के ऑडिटोरियम के विशाल मंच पर बीते चार वर्षों से निरंतर कार्यक्रमों की सफलता में संचालन की अहम भूमिका निभाने वाले शिक्षक आशीष पाठक ने बेहतरीन उद्घोषक के रूप में अपनी साख बनाई है। दिग्गज कलाकारों के साथ ही दर्शक आशीष के संचालन को सुनकर भी तालियां बजाने से अपने आप को रोक नहीं पाते हैं। कार्यक्रम के बेहतर संचालन के लिए आशीष को जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया है। आशीष पाठक इसे वारिस बाबा का आशीर्वाद मानकर कहते हैं कि उन्हीं की कृपा से मुझे इस राष्ट्रीय स्तर के मंच के संचालन का मौका मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें