डेंगू की चपेट में आकर एक बालिका की मौत हो गई। जबकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी समेत तीन लोग इस रोग से पीड़ित पाए गए हैं। इसके अलावा बेलहरा क्षेत्र के अमेरा गांव में विचित्र बुखार की चपेट में आकर 18 लोग पीड़ित हैं। इनके परिवारीजन निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर उपचार करा रहे हैं। अभी तक जिले में डेंगू की चपेट में आकर अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इस रोग को लेकर लोगों के बना दहशत का माहौल कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
त्रिवेदीगंज क्षेत्र के तेजवापुर गांव में अपने नाना शीतला के घर आई शालिनी (4) पुत्री सीताराम की डेंगू की चपेट में आकर मौत हो गई। शीतला ने बताया कि शालिनी को पिछले चार पांच दिनों से तेज बुखार आ रहा था। जिसका उपचार पहले सीएचसी त्रिवेदीगंज से कराया गया। लेकिन हालत में सुधार नहीं होने की वजह से लखनऊ ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जहां पर चिकित्सकों ने रक्त की जांच कराई जिसमें डेंगू रोग की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों ने अस्पताल में भर्ती कर लिया था और उपचार किया जा रहा था कि शुक्रवार को उपचार के दौरान ही मौत हो गई। इस तरह से डेंगू की चपेट में आकर अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा एफएसडीए में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं।
वहीं, मऊजानीपुर निवासी राजू का 15 वर्षीय पुत्र भी इस रोग की चपेट में आ गया है। इसके अलावा लखपेड़ाबाग निवासी राजेश में भी डेंगू की पुष्टि होने पर परिवारीजनों ने उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इस बाबत सीएमओ डॉ. डीआर सिंह का कहना है कि बालिका की मौत की जानकारी नहीं है संबंध क्षेत्र के चिकित्सकों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी।
अमेरा गांव में भी बुखार से 18 बीमार
बेलहरा प्रतिनिधि के अनुसार अमेरा गांव में विचित्र बुखार की चपेट में आकर करीब 18 लोग बीमार हो गए हैं। राफिया (10), आसिफ (15), दौलतराम (55), सुमन देवी (14), अनस (12), अयान (13), रोहित (14), रंजीत (15), आरती (14), मोनिका (5 माह), शिवांसी (1), सईद (30), हसीब (32), राजेश (35), शिवनाथ (70), रईस (20) बुखार से पीड़ित हैं। इनके परिवारीजनों का कहना है दवा खिलाई जाती है तो बुखार उतर जाता है और जैसे ही दवा का असर कम होता बुखार फिर आ जाता है।
यह बुखार इतनी तेज आता है कि पीड़ितों का शरीर कंपकंपाने लगता है। वहीं बेलहरा निवासी पिंटू सिंह (35) और बउवा (10) भी बुखार से पीड़ित हैं। सीएचसी सूरतगंज के प्रभारी डॉ. मुकुंद कुमार पटेल का कहना है कि जानकारी मिली है चिकित्सकों की टीम उपचार के लिए मौके पर भेजी जा रही है।