प्रोत्साहन राशि के नौ लाख रुपये आशाओं को न दिए जाने से नाराज आशाओं ने बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक को कमरे में बंद कर मेन गेट पर ताला जड़ दिया। आक्रोशित आशाओं ने करीब डेढ़ घंटे तक सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। जानकारी पर पहुंचे एसीएमओ नाराज आशाओं को किसी प्रकार से समझा-बुझाकर शांत कराया तब जाकर सीएचसी पर कार्य शुरू हो सका।
बंकी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाटा बरौली में करीब 160 आशा बहुएं कार्यरत हैं। इनमें से किसी को भी प्रसव कराए जाने पर मिलनी वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान पिछले एक साल से नहीं किया गया है।
आशाओं का करीब नौ लाख रुपया सीएचसी अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश कुरील दबाए बैठे हैं। इससे बृहस्पतिवार को आशाओं के सब्र का बांध टूट गया और नाराज आशाओं ने सीएचसी अधीक्षक को उनके कमरे में बंद कर मेन गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रही आशाओं का आरोप है कि जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत एक प्रसव पर आशा बहू को 6 सौ रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। वर्ष 2104-15 में आशा बहुओं ने करीब एक हजार प्रसव कराए। जिसमें से कुछ आशा बहुओं को प्रोत्साहन राशि भेजी गई है।
इसके बाद भी करीब 460 प्रसव का करीब 2 लाख 78 हजार रुपया आशा बहुओं का पिछले सत्र का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। इसी प्रकार वर्ष 2015-16 में अब तक आशा बहुओं ने करीब 1072 प्रसव कराए। जिसका छह 6 लाख 43 हजार 2 सौ रुपये बाकी है।
कुल मिलाकर सीएचसी जाटा बरौली पर आशा बहुओं का 9 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि का फंसा हुआ है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आशा बहुओं को इसका भुगतान नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में आशा बहुओं को इस महंगाई के दौर में परिवार चला मुश्किल हो गया है। सीएचसी पर यह बवाल करीब डेढ़ घंटे तक चलता रहा। जानकारी पर सीएमओ ने एसीएमओ को वार्ता के लिए भेजा।
एसीएमओ डॉ. जेता सिंह ने बताया कि सीएचसी जाटा बरौली में प्रोत्साहन राशि का भुगतान न किए जाने से नाराज होकर आशाओं ने सीएचसी के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया।
जिस पर उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया है। बुधवार को ही दो लाख रुपये फिलहाल आशाओं के खाते में भेज दिए गए हैं। प्रोत्साहन राशि का बकाया धन जल्द ही आशाओं के खाते में भेज दिया जाएगा।
आशा बहुओं की प्रोत्साहन राशि का करीब 9 लाख रुपया बाकी था जिसमें से बुधवार को 2 लाख रुपया इनके खातों में भेज दिया गया था। 7 लाख रुपया भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद भी नाराज आशाओं ने बृहस्पतिवार को सीएचसी पर प्रदर्शन किया। लेकिन मुझे कमरे में बंद करने की बात गलत है। - डॉ. ओमप्रकाश कुरील, अधीक्षक सीएचसी जाटा बरौली