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तीन अरब खर्च करने के बाद भी रोशन नहीं हुए गांव

Wed, 18 May 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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तीन अरब खर्च करने के बाद भी रोशन नहीं हुए गांव - फोटो : अमर उजाला
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जिले के 2872 गांव व मजरों को रोशन करने केे लिए केंद्र सरकार द्वारा करीब 300 करोड़ रुपये पिछले साल दिए गए थे। लेकिन अभी भी जिले के सैकड़ों गांवों में विद्युतीकरण नहीं हुआ है। शाम ढलते ही कई गांव अंधरे में डूब जाते हैं।
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कई गांव में विद्युतीकरण तो है लेकिन ग्रामीणों को बिजली नहीं नसीब हो रही है। तो कई गांव ऐसे हैं जहां पर बिजली तो मिल रही है लेकिन लो वोल्टेज से ग्रामीण परेशान हैं। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का स्याह सच यह है कि विद्युतीकरण के बाद खंभों पर पुराने व जले ट्रंासफार्मर लटका दिए गए। ऐसे में गावों को रोशन करने की मंशा तो दूर की बात है। 

सरकार का दावा है कि अगले वर्ष तक सभी गावों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। ऐसे में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कार्यदाई संस्था एल एंड टी द्वारा कराए जा रहे विद्युतीकरण का सच सामने आने लगा है।
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सांसद पीएल पुनिया के गोद लिए गांव टेरा दौलतपुर में एल एंड टी की एक विशेष टीम ने बुधवार को कार्य का जायजा लिया। जिसमें एलटी लाइन से लेकर उसमे उपयोग किए गए सामान व उपकरणाें की जांच की। जांच के दौरान ही पोल पर लगाए गए ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी पाई गई। टेरा, मनसापुर, निगरी गांव में पोल पर फुंके ट्रांसफार्मर लगा दिए गए। 

लाइन खींची, कनेक्शन नहीं दिया
जहांगीराबाद क्षेत्र के सद्दीपुर, नेवाजपुरवा, बंका पुरवा, निगरी, कटरा आदि कई गांव ऐसे हैं जहां पर विद्युतीकरण तो कराया गया है लेकिन खीचीं गई नई लाइन से कनेक्शन नहीं जोड़ जाने से ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल पा रही है। जहां कनेक्शन हैं वहां लोग लो वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। 

ब्रेक डाउन की समस्या बढ़ी
माती क्षेत्र में माती फीडर से गांव को रोशन करने के लिए जहां  एल एंड टी द्वारा कार्य शुरू तो हुआ था लेकिन मानक के विपरीत विद्युत तार खींच दिए गए, जिससे आए दिन लाइन ब्रेक डाउन रहती है। गांव में लकड़ी की बल्ली के सहारे बिजली पहुंचाई गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण अंचल के गावों को बिजली से रोशन करने के लिए कार्यदायी संस्था से एल एंड टी की ओर से जो कार्य कराया गया था जो मानक के विपरीत कार्य किया गया है।  रोड के किनारे टूटे पोल से 11 हजार लाइन से लटकते तार हादसे को दे रहे है। एल एंड टी द्वारा कार्य भी पूरा नहीं कराया गया है। 

बीच बीच में छोड़ दिया काम
हैदरगढ़ क्षेत्र में मालिनपुरवा गांव में विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद भी कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है जिससे गांव के लोग अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैैं। सीठूमऊ में विद्युतीकरण का कार्य अधूरा ही पड़ा है। रानीपुर गांव में पोल लगाए गए हैं लेकिन अभी तक विद्युत तार नहीं बिछाए गए हैं।

थलवारा व गंगापुर में विद्युतीकरण कार्य बीच में ही छोड़ दिया गया है। सतरही गांव में विद्युत कनेक्शन नहीं किया गया है जिससे लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। 

घाघरा के पार शुरू हुआ काम
बीते वर्ष जिले के 2872 गांव व मजरों को रोशन करने की मंशा से केंद्र सरकार द्वारा करीब 300 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। कार्यदायी संस्था एल एंड टी द्वारा जिले में विद्युतीकरण कराया गया। अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक ऐेसे सभी गावों का विद्युतीकरण कराया जा चुका है जिन गावों की आबादी 300 से अधिक थी।

मौजूदा समय में दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत 300 से कम आबादी वाले गावों में विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। घाघरा नदी के पार पांच गांवों को विद्युतीकरण से आच्छादित करने का कार्य शुरू हो गया है।
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