सीएमओ की उक्त कार्रवाई से अब वरिष्ठ चिकित्सकों को अपने कनिष्ठ के निर्देश पर कार्य करना पड़ेगा जबकि शासन के निर्देश लेवन थ्री के डॉक्टर को ही सीएचसी का प्रभारी बनाने के हैं।
सीएमओ के इस निर्णय का पीएमएस एसोसिशयन ने कड़ा विरोध करते हुए शिकायत शासन से की है। सीएमओ के निर्देश से घुंघटेर सीएचसी का प्रभारी लेवल टू के डॉक्टर को बनाया गया है।
देवा सीएचसी लेवल वन के डॉक्टर के हवाले है। इसी प्रकार सूरतगंज, सतरिख, जैदपुर, कोठी, हैदरगढ़, रामसनेहीघाट और टिकैतनगर में लेवल टू के डॉक्टर प्रभारी चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं।
रामनगर, त्रिवेदीगंज और पीएचसी सिद्घौर पर लेवल वन के डॉक्टरों की तैनात प्रभारी के तौर पर की गई है। जिले में लेवल थ्री के डॉक्टर मौजूद होने के बावजूद ऐसा किया गया। इससे वरिष्ठ चिकित्सकों में नाराजगी हैं। उन्हें अपने कनिष्ठ के निर्देश पर कार्य करना पड़ेगा।
इसकी शिकायत पीएमएस एसोसिएशन ने अपनी प्रदेश इकाई से करने के साथ आरोप लगाया कि सीएमओ मनमानी कर रहे हैं। सीएचसी पर चिकित्साधिकारियों की तैनाती में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया गया है। पीएमएस एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद चन्द्र पांडेय के मुताबिक इसकी लिखित शिकायत प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से की है।