जिले के देवी मंदिरों में जयकारे, देवीगीतों व भजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। रविवार को मां कूष्मांडा की महिमा का बखान करते भक्ति गीताें के बीच मंदिराें पर पहुंचे भक्त पूजा पाठ में तल्लीन रहे। शनिवार को भक्तों ने कूष्मांडा की आराधना कर ज्ञान व साहस प्रदान करने की कामना की।
माता दुर्गा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुर्विध पुरुषार्थो की प्रदाता हैं। रविवार को मातेश्वरी जगदंबा माता की भक्ति में लीन भक्त मंदिर पहुंच पूजा-अर्चना में लीन रहे। मंदिराें में महिलाओं की ओर से ढोल मंजीरा की धुन के बीच देवी गीत से मां की महिमा का बखान किया गया।
चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है..., अंबे है मेरी मां जगदंबे है मेरी मां... जैसे भक्ति गीतों से शनिवार को वातावरण भक्तिमय हो गया। घंटे-घड़ियाल व जयकाराें की गूंज के बीच माता के चतुर्थ रूप की स्तुति की गई। घंटाघर के निकट स्थित बड़ी देवी मंदिर में शाम को भक्ताें द्वारा माता की आरती उतारी गई।
माता जी के कुछ भक्तों ने पाठ भी किया। शहर क्षेत्र मेें भोर पहर से ही भक्तों का मंदिर आना शुरू हो जाता है। रविवार को विभिन्न मंदिरों में माता के चतुर्थ रूप की पूजा की गई। ग्रामीण इलाकाें में भी देवी पूजा की धूम मची हुई है। शहर में भोर होते ही मंदिराें में बजने वाले घंटा और घड़ियाल के साथ माता के गुणगान करते भक्ति गीताें ने वातावरण भक्तिमय कर दिया।
शहर क्षेत्र में बड़ी देवी माता मंदिर, श्रीनवदुर्गा माता मंदिर सुभाषनगर, अन्नपूर्णा माता मंदिर गल्लामंडी, संतोषी माता मंदिर सरावगी, मुड़कटी देवी मंदिर कानून गोयान, पूर्वी देवी माता मंदिर रौतनगढ़ी, फूलमती देवी मंदिर, ज्वालादेवी मंदिर उधौली, फतेहपुर में शक्तिधाम महादेव तालाब मंदिर, जैदपुर के बीबीपुर में मां दुर्गा का मंदिर आदि देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की। रविवार होने के कारण सुबह व शाम को मंदिरों में खासी भीड़ रही।