फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधानी ही सुरक्षा : भरोसा जीतकर ब्लैकमेल करते हैं अपराधी

Sat, 28 Feb 2026 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी : वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है, यदि इसका उपयोग सावधानी से न किया जाए। इसी उद्देश्य के साथ शुक्रवार को रामनगर के तराई क्षेत्र स्थित कांति पीजी कॉलेज में अमर उजाला फाॅउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
विज्ञापन


अपराधी पहले जीतते हैं भरोसा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, कोतवाल अनिल कुमार पांडेय ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए कहा, अपराधी सीधे हमला नहीं करते, वे पहले मीठी बातों से आपका भरोसा जीतते हैं। उन्होंने विस्तार से समझाया कि कैसे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना भारी पड़ सकता है। अपराधी अक्सर पहले निजी तस्वीरें और चैट हासिल करते हैं और फिर उन्हीं के आधार पर ब्लैकमेलिंग और साइबर शोषण का चक्र शुरू करते हैं। कोतवाल ने युवाओं को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी ''अत्यधिक सक्रियता'' को नियंत्रित करें।

पुलिस से डरें नहीं, वह आपकी दोस्त है
छात्रों के मन से खाकी का डर निकालते हुए कोतवाल पांडेय ने कहा कि पुलिस समाज की रक्षक और आपकी दोस्त है। उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से प्रेरित किया कि वे किसी भी प्रकार के अश्लील इशारों या छेड़छाड़ को नजरअंदाज न करें। उन्होंने जोर देकर कहा, अगर कोई आपको परेशान करता है, तो चुप न रहें। चुप्पी अपराधियों के हौसले बढ़ाती है। जब आप खुलकर अपनी समस्या बताएंगे, तभी पुलिस समय रहते कार्रवाई कर पाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर शिकायत को पूरी गोपनीयता के साथ गंभीरता से लेती है।
विज्ञापन



नशे से दूरी और कानून का ज्ञान

पाठशाला में केवल साइबर सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक बुराइयों पर भी चर्चा हुई। कोतवाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई और कहा कि नशा न केवल स्वास्थ्य खराब करता है, बल्कि व्यक्ति को अपराध की ओर भी धकेलता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून की बुनियादी जानकारी देते हुए बताया कि आत्मविश्वास और कानूनी जागरूकता ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। साथ ही, उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।

संवाद और विश्वास की नई पहल

कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल प्रफुलिता सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ''पुलिस की पाठशाला'' जैसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं और पुलिस के बीच के संवादहीनता को खत्म करना और विश्वास की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों में आत्मबल पैदा होता है और वे एक जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होते हैं। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर राष्ट्र भूषण सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर रिषभ सिंह और सौरभ मिश्रा सहित कॉलेज स्टाफ और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपनी जिज्ञासाओं को लेकर कोतवाल से कई सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से समाधान किया।
विज्ञापन

-
सुरक्षा के लिए इन नंबरों को रखें याद
1930: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए।

112: आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए।

1090: ''वीमेन पावर लाइन'' (महिलाओं के लिए विशेष सहायता)।

cybercrime.gov.in: किसी भी प्रकार के ऑनलाइन शोषण की रिपोर्ट के लिए आधिकारिक पोर्टल।
-
सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने के टिप्स
प्राइवेसी सेटिंग : अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट रखें, ताकि केवल आपके परिचित ही आपकी तस्वीरें देख सकें।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन : अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें ताकि कोई आपका अकाउंट हैक न कर सके।

अनजान रिक्वेस्ट : किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, चाहे उनकी प्रोफाइल कितनी भी आकर्षक क्यों न लगे।

स्क्रीनशॉट का डर : याद रखें कि डिजिटल दुनिया में कुछ भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। किसी को भी ऐसी फोटो न भेजें जिसका इस्तेमाल आपके खिलाफ हो सके।

ब्लॉक और रिपोर्ट : यदि कोई आपको ऑनलाइन परेशान करता है, तो तुरंत उस व्यक्ति को ब्लॉक करें और प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें