बाराबंकी। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिले के पांच हजार स्वयं सहायता समूहों की नकद ऋण सीमा बनाई जाएगी। चयनित समूहों को बैंक से कम ब्याज दरों पर ऋण मुहैया कराया जाएगा। समूह ऋण मिलने के बाद सदस्य महिलाओं को ऋण देकर उन्हें स्वावलंबी बनने में मदद करेंगी। इसको लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इससे समूह की करीब 55000 महिलाओं को लाभ मिलेगा।
जिले में 20154 स्वयं सहायता समूहों का संचालन हो रहा है, जिसमें सदस्यों की संख्या 2,54,635 है। इन समूहों और उससे जुड़ी महिलाओं को स्वावलंबी व सशक्त बनाने के लिए बैंकों के साथ नकद ऋण सीमा (कैश क्रेडिट लिमिट) बनाने की योजना बनाई गई है। इसमें इस वर्ष पांच हजार समूहों को चुने जाने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 2500 स्वयं सहायता समूहों को आर्यावर्त बैंक सीसीएल बनाई जाएगी। इसके बाद शेष 2500 समूहों को बैंक ऑफ इंडिया से सीसीएल का लाभ दिलाया जाएगा।
सीसीएल बनने के बाद हर समूह को छह लाख रुपये का ऋण कम ब्याज दर पर मिलेगा, जिसे समूहों द्वारा अपने सदस्यों को दिया जाएगा। इस धनराशि से महिलाएं रोजगार बढ़ाने की दिशा में काम करेंगी। इसके साथ ही समूहों का पंजीकरण सखी एप पर किया जा रहा है, ताकि समूह की महिलाएं इसी एप के जरिए ऑनलाइन लेनदेन कर सकें। उपायुक्त स्वत: रोजगार बीके मोहन ने बताया कि बैंक प्रबंधकों एवं ब्लॉक मिशन प्रबंधकों के साथ बैठक कर जिम्मेदारी तय कर दी गई है।