सुबेहा (बाराबंकी)। तहसील हैदरगढ़ क्षेत्र में एक छात्र को हाईस्कूल का फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में आखिरकार प्रबंधक व उनकी पत्नी प्रधानाचार्य के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। 13 दिसंबर को अमर उजाला में फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर नहीं हुई कार्रवाई शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर एसपी दिनेश कुमार सिंह ने कार्रवाई के आदेश दिए थे।
थाना सुबेहा भटगवां निवासी नसीम ने 21 सितंबर को आईजीआरएस पर शिकायत कर बताया था कि उसने वर्ष 2015 में पलिया के न्यू आइडियल पब्लिक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश लिया था। वर्ष 2017 में हाईस्कूल की परीक्षा पास की। स्कूल प्रबंधन की ओर से फर्जी प्रमाणपत्र देकर बोर्ड की गलती से बदलने की बात कहकर जल्द सही मार्कशीट दिलाने का आश्वासन दिया गया था। लगातार विद्यालय का चक्कर काटने के बाद भी मार्कशीट व प्रमाणपत्र नहीं मिले। डीआईओएस के निर्देश पर जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पूनम कनौजिया ने मामले की जांच की। जिसमें पाया कि विद्यालय की मान्यता सीनियर सेकेंडरी तक ही है।
प्रमाणपत्र निर्गत करने वाली संस्था भारतीय विद्यालय शिक्षा संस्थान की यूपी बोर्ड के समकक्ष परीक्षा कराने के लिए मान्यता न होने की बात सामने आई। 20 नवंबर को डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा था। करीब 40 दिन बीतने के बाद मामले में एसपी के आदेश पर प्रबंधक पवन कुमार द्विवेदी व उनकी पत्नी प्रधानाचार्य कालिंदी द्विवेदी पर केस दर्ज कर लिया गया है।
उधर, प्रबंधक पवन कुमार द्विवेदी का कहना है कि छात्र और संस्था से उनका कोई सरोकार नहीं है। एसएचओ संजीव कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय संचालित करने वाले दंपती पर केस दर्ज किया गया है।