बाराबंकी। सिद्धौर ब्लाक की बिबियापुर घाट ग्राम पंचायत में गबन का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत में फर्जी तरीके से 33 लाख रुपये गबन के मामले में एडीओ पंचायत की तहरीर पर प्रधान समेत तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विकासखंड सिद्धौर क्षेत्र की बिबियापुर घाट ग्राम पंचायत में करीब 33 लाख रुपये चेक के माध्यम से करीब छह माह पूर्व ग्राम प्रधान अंजू देवी और उनके पति रमेश चंद्र, जो बैंक ऑफ इंडिया शाखा जीयनपुर में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं, ने निकाल लिया था। आरोप है कि जहां पर प्रधान के पति काम करते है, उसी बैंक शाखा से चेक के माध्यम से 33 लाख रुपये निकाल लिया था।
मामला प्रकाश में आया तो सीडीओ मेधा रुपम ने एडीओ कोऑपरेटिव पवन वर्मा, अवर अभियंता लच्छीराम चौहान और कार्यवाहक एडीओ पंचायत दीपक वर्मा की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई।
जांच के बाद धांधली की पुष्टि होने के बाद कार्यवाहक एडीओ पंचायत दीपक वर्मा ने कोठी थाने में आरोपी ग्राम प्रधान अंजू देवी, प्रधान पति रमेश चंद तथा प्रधान पुत्र रंजीत कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
थानाध्यक्ष कोठी शैलेश यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बीडीओ रामेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने के बाद एडीओ पंचायत की तहरीर पर तीन के विरुद्ध केस दर्ज कराकर आगे की जांच की जा रही है।
कोडरी ग्राम प्रधान बर्खास्त, दो सचिव निलंबित
देवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोडरी में फर्जी हस्ताक्षर से लाखों की रकम निकालने के मामले में प्रधान को बर्खास्त कर दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। डीपीआरओ रणविजय सिंह ने बताया कि बीते जून माह में देवा के वीडीओ ने डीएम को पत्र लिखकर बताया था कि ग्राम प्रधान शीला सिंह के पति अशोक कुमार व रिश्तेदार मंजीत सिंह ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के छह लाख 60 हजार रुपये की रकम निकाल कर खर्च कर ली थी।
इन चेकों पर सचिव रुपम शुक्ला ने अपने हस्ताक्षर न होने की बात कही थी। इससे पहले यह कार्य कमलेश कुमार के समय में भी किया गया था। मामले की जांच प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु पटेल द्वारा की जा रही थी। जांच में आरोपियों की पुष्टि के बाद प्रधान, पति व रिश्तेदार पर गबन का मुकदमा दर्ज कर रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।