निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र से गुजरी इंदिरा कैनाल में बृहस्पतिवार सुबह अलग-अलग जगहों पर दो डॉल्फिन मिली। इनमें एक नर और दूसरी मादा है। नहर में पानी कम होने से दोनों घायल थी। वन विभाग व लखनऊ से बुलाई गई वाइल्ड लाइफ की टीम ने दोनों का इलाज किया। इसके बाद लोगों की मदद से दोनों डॉल्फिन को सुरक्षित घाघरा नदी में छोड़ दिया गया।
शादरा नदी से निकली इंदिरा कैनाल में इस समय पानी रोक दिया गया है। जिससे नहर में पानी काफी कम हो गया है। कहीं-कहीं पर पानी डेढ़ से दो फीट ही है। नदी से भटकी हुई दोनों डॉल्फिन बृहस्पतिवार सुबह इंदिरा कैनाल में आ गईं। कैनाल में पानी कम होने से दोनों घायल हो गई। इनमें एक डॉल्फिन नर तो दूसरी मादा है।
मादा डॉल्फिन नहर में बड़ाव पुल के पास मिली। इसकी लंबाई करीब साढ़े छह फीट है। इसी नहर में रीवा सीवा पुल के पास नर डॉल्फिन पाया गया। जानकारी होने पर थोड़ी ही देर में डॉल्फिन को देख ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने नहर में डॉल्फिन के मिलने की सूचना वन विभाग को दी। आनन-फानन वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इसकी सूचना लखनऊ के वाइल्ड लाइफ टीम को देकर उन्हें भी बुलाया गया। वन विभाग के सेक्शन अफसर डीएस चौहान टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों डॉल्फिन को सुरक्षित घाघरा नदी में पहुंचाया जा सके इसके लिए लखनऊ से वाइल्ड लाइफ स्पेशलिस्ट शैलेंद्र सिंह को उनकी टीम के साथ बुलाया गया।
दोनों टीमों ने पानी से भीगे गद्दों पर दोनों डॉल्फिन को रख डीसीएम से घाघरा नदी में छोड़वाया। चौहान ने बताया कि यह भारत में विलुप्त जीव है। जिससे इन्हें संरक्षित किया जा रहा है। यह मछली प्रजाति के नहीं हैं। दोनों की आयु करीब 10 से 12 साल है।