बाराबंकी। जिले में बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी के विरोध में जारी विरोध प्रदर्शन से बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके चलते कई स्थानों पर जहां बिजली फॉल्ट दुरुस्त करने में देरी हो रही है वहीं उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए लगाए जाने वाले शिविरों का आयोजन भी नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।
मंगलवार रात बड़ेल बिजली उपकेंद्र के सैलानी माता मंदिर फीडर में खराबी आ गई, जिसे सुधारने में 11 घंटे लग गए। इसी तरह कोठीडीह में जंपर उड़ने से आपूर्ति बाधित हुई, जिसे दुरुस्त करने में तीन घंटे लग गए। पावर कॉर्पोरेशन द्वारा ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए शिविर लगाए जाते हैं, जहां बिल भुगतान और अन्य समस्याओं का समाधान किया जाता है। लेकिन संविदा कर्मियों के आंदोलन के कारण सिरौलीगौसपुर, रामनगर, अमरसंडा (निंदूरा) रानीबाजार, रसौली, भुहेरा और त्रिलोकपुर में प्रस्तावित शिविर नहीं लग सके। इससे ओटीएस योजना का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। अधीक्षण अभियंता राजबाला ने बताया कि संविदा कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के चलते फाल्ट सुधारने और शिविर लगाने में दिक्कतें आ रही हैं। जो कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन्हीं से व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं।
नहीं हो रहा क्रेडिट-डेबिट कार्ड से भुगतान
पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं को बिल भुगतान के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड की सुविधा देने की घोषणा की थी, जिससे ग्राहकों को बैंक से 45 दिन का क्रेडिट पीरियड मिल सके। लेकिन अभी तक यह सुविधा बिजली बिल काउंटरों पर शुरू नहीं हो सकी है, जिससे उपभोक्ताओं को केवल नकद या चेक से भुगतान करना पड़ रहा है।