बाराबंकी। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने और ट्रैफिक सुधारने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगाए गए है। लेकिन इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से अब तक इन कैमरों को नहीं जोड़ा जा सका है। इस कारण इन कैमरों से सीसीटीवी की तरह निगरानी तो हो रही है लेकिन ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले एक भी वाहन का चालान स्वत: काटने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण पटेल चौराहे पर निगरानी के लिए लगा एक कैमरा तो बीते काफी समय से लटका पड़ा है। जिले में साढ़े चार लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी व सड़कों पर वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण जाम के साथ ही सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती है। इस पर प्रभावी रोक लगाने व निगरानी रखने के लिए शहर में 13 स्थानों पर 52 कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें आईटीएमएस से जोड़ने की योजना थी मगर काम काज में बरती जा रही लापरवाही के कारण इन कैमरों को सिस्टम से जोड़ने का काम अभी तक नहीं हो सका है।
ऐसे में जो कैमरे लगाए गए हैं वह पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम से ही जुड़े होने से सिर्फ सीसीटीवी की तरह काम कर रहे हैं। इससे कैमरे की जद में आने वाली सारी गतिविधियों की निगरानी तो होती है मगर नियमों के उल्लंघन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सीओ सिटी सुमित त्रिपाठी ने बताया कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की कंट्रोल रूम से सतत निगरानी हो रही है। जल्दी ही (आईटीएमएस) सिस्टम से भी इन कैमरों को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का स्वत: चालान करने की प्रक्रिया शुरू हो जाए। बताया कि इस दौरान यदि निगरानी से जुड़ा कोई कैमरा खराब है तो उसकी भी जांच कर उसमें सुधार कराया जाएगा।