बाराबंकी। जिले के ग्रामीण इलाकों से जुड़े पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान पूरी तरह बेअसर साबित होता दिख रहा है। पेट्रोल पंप मालिक से लेकर आम आदमी तक सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी हेलमेट के इस्तेमाल को लेकर बेपरवाह बने हैं। पंप संचालक तो यहा तक कह रहे हैं कि भाई पेट्रोल पंप खोलने में लाखों रुपये खर्च किए हैं। अब शर्तों पर पेट्रोल बेच कर इसकी भरपाई कैसे होगी।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी पहल को ग्रामीण क्षेत्र के पंप संचालक व कर्मचारी पलीता लगाने में जुटे हैं। इस कारण पंपों पर बिना किसी रोकटोक के दो पहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल बेचा जा रहा है। निर्देश न मानने पर कार्यवाही करने की परिवहन विभाग के अफसरों की चेतावनी का भी यहां कोई असर नहीं दिख रहा। नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान के तीसरे दिन ग्रामीण क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की पड़ताल कर वाहन चालकों से बातचीत की गई। इस दौरान कई वाहन चालक भी हेलमेट से होने वाली सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह दिखे।
हेलमेट लगाने आदत नहीं
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बिना हेलमेट पेट्रोल लेने आए निहाल ने बताया कि हेलमेट लगाने की आदत नहीं है। दूर जाना होता है, तभी चालान के डर से हेलमेट लगाता हूं। गांव क्षेत्र में बिना हेलमेट लगाए ही बाइक चलाता हूं।
लंबी दूरी पर ही लगाता हूं हेलमेट
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बस स्टेशन के पास पंप पर बिना हेलमेट के पेट्रोल भरवाने आए राजेंद्र कुमार ने कहा कि ट्यूशन पढ़ाने अथवा कचेहरी तक जाना होता है तो हेलमेट नहीं लगाता हूं। लंबी दूरी तय करनी होती है तब हेलमेट जरूर लगाता हूं।
यहां सिर्फ पंप मालिक का आदेश चलेगा
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कैसरगंज चौराहे के समीप एक पंप पर बिना हेलमेट के पहुंचे वाहन चालकों आसानी से पेट्रोल दिया जाता मिला। अभियान के बारे में पूछने पर मौजूद सेल्समैन ने बिगड़ते हुए कहा कि यहां सिर्फ पंप मालिक का आदेश चलता है। निंदूरा क्षेत्र स्थित कंचनपुर के पास एक पेट्रोल पंप पर भी सेल्समैन बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को पेट्रोल देता मिला।
नहीं दिखी कोई भी सजगता
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कोटवाधाम स्थित एक पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के पहुंचे वाहन चालकों को बिना रोकटोक के पेट्रोल दिया जाता मिला। यहां अभियान को लेकर कोई भी सजगता नहीं दिखी। पंप संचालक से लेकर मौजूद कर्मचारी व वाहन चालक तक अभियान को लेकर बेपरवाह नजर दिखें।