बाराबंकी। पोषणयुक्त चावल का सेवन करने से क्या फायदे होंगे, कौन-कौन सी बीमारियां नहीं होंगी। इसकी जानकारी कार्डधारकों को देनी होगी। इसके लिए एक ऑडियो जारी किया गया है। इसे अनाज वितरण के दौरान कोटेदारों को कार्डधारकों को सुनाना होगा। ऑडियो सभी कोटेदारों को उपलब्ध करा दिया गया है और इस पर नजर रखने का जिम्मा सभी पूर्ति निरीक्षकों को सौंपा गया है। चेतावनी दी गई है कि निरीक्षण के दौरान यदि कहीं ऑडियो बजता नहीं मिला तो संबंधित कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। मौजूदा समय में जिले के सभी साढ़े छह लाख कार्डधारकों को पोषणयुक्त चावल का वितरण किया जा रहा है, लेकिन जानकारी के अभाव में इसको लेकर तरह-तरह की शिकायतें की जा रहीं हैं। यहां तक कि कई कोटेदारों को भी इस विषय में जानकारी नहीं है इस समस्या को दूर करने के लिए अब ऑडियो बजाकर कार्डधारकों को बताया जाएगा कि पोषणयुक्त चावल का सेवन करने से क्या फायदा होगा और कौन-कौन सी बीमारियां नहीं होंगी। डीएसओ डॉ. राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि पोषणयुक्त चावल के संबंध में कार्डधारकों को पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए ऑडियो के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
चावल की पोषण क्षमता बढ़ाने के लिए उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे आयरन, फोलिक एसिड, जिंक तथा विटामिन बी 12 को मिलाया जाता है। इसके लिए टूटे हुए चावल के दानों को पीसकर चावल का आटा बनाया जाता है और इसमें निर्धारित मानक के अनुसार आयरन, फोलिक एसिड, जिंक, विटामिन बी12 मिलाकर दाना तैयार किया जाता है। इसके बाद 100 किलो चावल में एक किलो पोषणयुक्त चावल मिलाया जाता है।
एसीएमओ डॉ. संजय बाबू ने बताया कि पोषणयुक्त चावल गुणवत्ता से भरपूर होता है। इसका सेवन करने से बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं होते हैं। शरीर में खून की कमी नहीं रहती है। स्नायु तंत्रों को मजबूत बनाने में भी यह चावल काफी सहायक है इसलिए पोषणयुक्त चावल बनाते समय इसका मांड़ नहीं निकालना चाहिए।