बाराबंकी। जिले में संपन्न पंचायत उपचुनाव में बीडीसी के 10 सीटों पर घोषित चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो चार स्थानों पर मजबूत और दिग्गज प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। चार ब्लॉकों में विजयी यह उम्मीदवार आगामी क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लॉक प्रमुख) के लिए दावेदारी पेश करेंगे।
इनके जीतने के बाद मुकाबला काफी रोचक होगा। क्योंकि इन बीडीसी को दिग्गज नेताओं को वरद हस्त प्राप्त है। जिले की 15 सीटों पर चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशी सदस्यों के घर परिक्रमा लगाकर वोट पक्की करने के लिए चढ़ावा चढ़ाकर प्रमाण पत्र हासिल कर रहे हैं।
जिले के 15 ब्लॉकों में सपा और भाजपा का ही प्रमुखी पर कब्जा रहा है। आने वाले चुनाव में इन्हीं दलों के बीच मुकाबला होने के प्रबल आसार दिखने लगे हैं। सत्ताधारी दल भाजपा और सपा के माननीय और दिग्गज नेता गुणा-गणित फिट करने में लग गए हैं। पंचायत के हुए मुख्य चुनाव में कई प्रमुख पद के उम्मीदवार जहां चुनाव हार गए थे।
वहां मुकाबला एकतरफा दिखाई पड़ रहा था। किंतु उपचुनाव के घोषित परिणामों में नजर डालें तो रामनगर से ब्लॉक प्रमुख के प्रबल दावेदार राघवेन्द्र सिंह उर्फ राजन सिंह बीडीसी का चुनाव हार गए थे। उनकी हार के बाद सपा कोई मजबूत प्रत्याशी भाजपा के संजय तिवारी के मुकाबले नहीं ढूंढ पा रही थी। भाजपा में जरूर और मजबूत प्रत्याशी टिकट के लिए जुटे थे। उपचुनाव में राघवेन्द्र के जीतने के बाद मुकाबला रोचक और कड़ा तय माना जा रहा है।
यही हाल मसौली ब्लॉक का है। यहां पर भाजपा के पास कोई मजबूत उम्मीदवार न होने के कारण पूर्व प्रमुख रईस की दावेदारी सबसे मजबूत थी। पर उपचुनाव में हरख के पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयकीरत सिंह की बहू अंशु सिंह की जीत के बाद इनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
निंदूरा और पूरेडलई ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष की दौड़ में शामिल निर्वाचित बीडीसी विजय शुक्ला और राजेन्द्र सिंह की मृत्यु हो गई थी। दोनो भाजपा समर्थित थे और ब्लॉक प्रमुख के दावेेदार भी थे। इनकी मृत्यु के बाद जहां दूसरे प्रत्याशियों ने जोर आजमाइश तेज कर दी थी। वहीं उपचुनाव में विजय शुक्ला के भाई विनय शुक्ला और राजेन्द्र सिंह की पत्नी मंजू सिंह बीडीसी का चुनाव भारी मतों से जीत गए हैं। अब यहां पर भले ही एक दल के दावेेदार हों पर मुकाबला भी काफी रोचक होने वाला है।
जिले की 15 सीटों पर अभी किसी दल ने कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। किंतु दिग्गज नेता अपने-अपने चहेतों को टिकट दिलाने से लेकर जिताने के लिए मतदाताओं और नेताओं के यहां चक्कर काट रहे हैं। यही नहीं मजबूत दावेदारी के लिए बीडीसी के प्रमाण पत्र लेकर उन्हें अपना बताने के लिए लगभग सभी ब्लॉकों में यह खेल चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि मतदाता दावेदारों से चढ़ावा लेकर प्रमाण पत्र तो दे रहे हैं।
पर आखिर तक उनका रवैया क्या होगा इसे पता लगाना आसान नहीं होगा। उपचुनाव जहां चार ब्लॉकों में प्रमुख पद के चुनाव को रोचक बनाएगा वहीं जिले के अन्य ब्लॉकों में भी मुुकाबला कड़े होने के आसार हैं। यही नहीं कई जगह तो परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर सकते हैं। तो टिकट न पाने वाले भितरघात तक अपनी पार्टी के प्रत्याशी को हराने में भी बाज नहीं आएंगे।