बाराबंकी। जिले के 422 गांवों को परिवहन सेवा से जोड़ने की योजना अब धरातल पर उतरने वाली है। करीब दो वर्ष पहले किए गए सर्वे में इन गांवों को असेवित (जहां बस सुविधा न हो) के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की हालिया घोषणा के बाद, इन ग्राम सभाओं में बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
शासन के निर्देश पर परिवहन निगम के तत्कालीन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने जिले में 63 ऐसे रूटों की पहचान की थी, जो अब तक परिवहन सेवा से अछूते थे। इन रूटों का निर्धारण कर रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजी जा चुकी है।
वर्तमान में जिले के केवल 29 रूटों पर ही अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। योजना के अनुसार, बसों का चयन यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखकर किया गया है। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या कम रहने का अनुमान है।
वहां 28 से 30 सीटर बसें चलाई जाएंगी। वहीं, अधिक यात्रियों वाले रूटों पर 40 से 42 सीट वाली बसों के संचालन की तैयारी है।