‘चेहरे के नूर’ पर मोदी-शाह पर भड़कीं मायावती
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बसपा ने इस बार चुनावी समर में जिले के किसी भी अगड़ी जाति पर भरोसा नहीं जताया है। जिले की सभी 6 विधानसभा सीटाें पर उतारे गए उम्मीदवारों में दो मुसलिम, दो दलित और दो पिछड़ीजाति कुर्मी बिरादरी के लोगों को टिकट दिया है। पार्टी की इस सोशल इंजीनियरिंग का चुनावी नतीजे पर क्या असर पड़ता है यह तो समय बताएगा।
जिले में बहुजन समाज पार्टी वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कोई सीट तो नहीं जीत पाई थी, पर सभी सीटों पर उम्मीदवार रनर रहे थे। पिछले चुनाव में बसपा ने एक कुर्मी दो ब्राह्मण और तीन दलित वर्ग के लोगों को प्रत्याशी बनाया था। तब जिले में बसपा किसी मुसलिम को प्रतिनिधित्व नही दे पाई थी। लेकिन इस बार बसपा ने अगड़ी जातियों की जगह दो मुस्लिम और दो पिछडे़ वर्ग से प्रत्याशियों का चयन किया है।
इसके पीछे राजनीतिक हल्कों में माना जा रहा है कि भाजपा के बढ़ते जनाधार के कारण सवर्णों का उसकी तरफ झुकाव और समाजवादी पार्टी में मची घमासान के कारण मुसलिम मतों का अपनी तरफ ध्रुवीकरण कराने के लिए सवर्णों की जगह मुस्लिम वर्ग पर दांव खेला है। रामनगर, दरियाबाद विधानसभा में सवर्ण वोटरों के अलावा मुसलिम वर्ग के मतदाता भारी संख्या में हैं।
इसी गणित को ध्यान में रखकर बसपा ने लंबे समय तक दो ठाकुर बिरादरी के आरपी सिंह को कुर्सी व सुधीर सिंह को दरियाबाद से चुनाव लड़ने की हरी झंडी दी थी। दोनाें उम्मीदवार क्षेत्र में जनसंपर्क भी कर रहे थे पर कुछ समय पहले ही दोनों का किनारे कर नए प्रत्याशी घोषित कर दिए गए। बसपा की नई सोशल इंजीनियरिंग इस चुनाव में क्या लाभ मिलेगा इसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में की जा रही है।
बसपा के घोषित उम्मीदवार
विधानसभा क्षेत्र उम्मीदवार का नाम
बाराबंकी सदर- सुरेन्द्र सिंह वर्मा
कुर्सी - वीपी सिंह
दरियाबाद - मोहम्मद मुबस्सिर खान
जैदपुर - मीता गौतम
हैदरगढ़ - कमला प्रसाद रावत
रामनगर - मोहम्मद हफीज भारती