बाराबंकी। सफेदाबाद के एक मेडिकल काॅलेज में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ करते हुए बालरोग विशेष डॉ. उत्कर्ष ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत के समान होता है। इससे न केवल नवजात शरीर से स्वस्थ होता है बल्कि उसका मानसिक व भावात्मक विकास भी होता है। बताया कि स्तनपान कराना मां व शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
गोष्ठी में हिस्सेदारी करते हुए डॉ. दीपक मालवीय ने कहा समाज को स्तनपान में सहायता करनी चाहिए और कामकाजी महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर स्तनपान कक्ष की व्यवस्था जरूर करानी चाहिए। डॉ. अंजना अग्रवाल ने स्तनपान कराने के लिए महिलाओं को गर्भावस्था से ही प्रेरित करने की जरूरत जताई जबकि डॉ. सोनिया लूथरा ने कहा कि स्तनपान से मां में स्तन और ओवरी कैंसर की संभावना काफी कम हो जाती है।
डॉ. सुष्मिता सिल ने बताया कि पहले तीन दिन मां के दूध में कोलेस्ट्रम होता है, जिसमें सबसे ज्यादा एंटीबाडी होती है। इस मौके पर डॉ. जीके सिंह, डॉ. देवाशीष मुखर्जी, डॉ. नीरज, डॉ. पूजा, डॉ. प्रभात, डॉ. अंकित, डॉ. निवेदिता, डॉ. मीनाक्षी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उधर, सीएमओ कार्यालय में भी विश्व स्तनपान सप्ताह पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म के एक घंटे के अन्दर नवजात को स्तनपान कराना चाहिए।