बाराबंकी। अफीम की उपजाऊ जमीन बाराबंकी ने नशे के काले कारोबार की कई ऐसी कहानियों को जन्म दिया है जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगतीं। ऐसी ही एक कहानी है जैदपुर थाना क्षेत्र के टिकरा मुर्तजा गांव के रहने वाले मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन की। कैसे एक बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) कार्ड धारक परिवार का बेटा करोड़पति बना और फिर कानून के शिकंजे में फंसकर अस्पताल के बेड तक पहुंच गया। अब उसकी संपत्तियों को सरकार कुर्क कर रही है।
अज्जन के पिता मो. कलीम को 1998 में गरीबी के कारण सरकारी इंदिरा आवास आवंटित हुआ था लेकिन अज्जन ने मेहनत के बजाय अपराध का रास्ता चुना। 90 के दशक में उसने नशे के सौदागरों से हाथ मिलाया और देखते ही देखते बाराबंकी से लखनऊ तक अपनी अवैध सल्तनत खड़ी कर ली।
जैदपुर के एसएचओ संतोष कुमार सिंह के अनुसार वर्ष 1997 में अज्जन पर पहला मामला दर्ज किया गया गया। शुरुआत छोटे अपराधों से हुई लेकिन जल्द ही वह नशे के बड़े तस्करों के संपर्क में आ गया। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अज्जन पर अब तक 22 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 11 मामले सीधे तौर पर ड्रग्स की तस्करी से जुड़े हैं। मॉर्फीन, स्मैक और हेरोइन जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों का कारोबार उसे अपराध की दुनिया में ऊपर ले गया।
वर्ष 2015 में चिनहट में नारकोटिक्स टीम ने उसे गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने तस्करी के पैसों से कई महंगी संपत्तियां खड़ी कर ली हैं। बाराबंकी पुलिस ने उसकी करीब 12 संपत्तियों को चिह्नित किया। इन्हें जब्त करने के लिए केंद्र सरकार की फ्रीजिंग अथॉरिटी न्याय निर्णायक प्राधिकारी नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजा गया। बाराबंकी व लखनऊ की दो संपत्तियों को जब्त करने का आदेश मिलने के बाद कार्रवाई शुरू हुई और हाल ही में शहर के पैसार मोहल्ले में करीब छह करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई।
लारी में इलाज जारी
अज्जन नौ जनवरी 2026 से जेल में बंद है। बीते शुक्रवार को जब अपनी संपत्तियां जब्त होने की खबर मिली तो उसे दिल का दौरा पड़ गया। फिलहाल वह केजीएमयू लखनऊ के लारी में भर्ती है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उसका इलाज जारी है।
लखनऊ में डेढ़ करोड़ का मकान भी कुर्क
अज्जन की पत्नी नगमी खातून के नाम लखनऊ के सरोजनीनगर में बने मकान पर भी सोमवार को सरकारी सील लग गई। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि औरंगाबाद खालसा वार्ड स्थित 92.926 वर्गमीटर जमीन व उस पर बने मकान को कुर्क किया गया है। इसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने लखनऊ जाकर यह कार्रवाई की।