स्वामी दयाल मिश्रा की फाइल फोटो।
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यूपी के बाराबंकी में शनिवार की सुबह आम की बाग में चिटफंड कंपनी के पूर्व मैनेजर का शव फंदे से लटका मिला। इससे गांव में सनसनी फैल गई। घटना से कंपनी के अन्य एजेंट्स में आक्रोश है। उनका आरोप है कि पुलिस कंपनी के बड़े अधिकारियों को पकड़ने की बजाय एजेंट्स को ही प्रताड़ित कर रही है। जबकि, वे खुद भी निवेशक हैं।
घटना सफदरगंज थाना क्षेत्र के भवानीपुर मजरे केवलापुर गांव की है। गांव निवासी स्वामी दयाल मिश्रा (50) की मौत हुई है। सुबह करीब 6 बजे घर से करीब 100 मीटर दूर बाग में उसका शव पेड़ की डाल से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना करके जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
असली गुनहगार कंपनी के बड़े अधिकारी हैं
घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में एजेंट एकत्र हो गए। उनका कहना है कि असली गुनहगार कंपनी के बड़े अधिकारी हैं। लेकिन, उन पर कार्रवाई न होकर एजेंट्स को ही परेशान किया जा रहा है। जबकि, एजेंट्स खुद भी अपना पैसा गंवा चुके हैं। थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेत में बने मकान में अकेले रह रहे थे
बताया गया कि स्वामी दयाल गोंडा स्थित एलयूसीसी चिटफंड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोप लगने के बाद करीब छह-सात महीने पहले उन्हें जेल भेजा गया था। दो महीने पहले जेल से रिहा होने के बाद वह गांव के बाहर खेत में बने मकान में अकेले रह रहे थे। जबकि, उनका परिवार गांव के मुख्य मकान में ही रहता था।