बाराबंकी। देवा में बाइक समेत पूरे परिवार के साथ नहर में गिरे एक ही परिवार के चार लोगों में से दो बच्चों के शव शनिवार को नहर में अलग-अलग जगहों से बरामद हुए। मां के बाद मिले दोनों बच्चों के शव के बाद अब पुलिस लापता परिवार के मुखिया की तलाश में जुटी है। इस हृदय विदारक घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों के साथ ही गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं। एसडीआरएफ व पुलिस की टीमें बीते 48 घंटे से नहर मेंं सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगौली गांव निवासी पवन कुमार (35) अपनी पत्नी उर्मिला (32), बेटी रागिनी (12) और बेटे अर्पित (8) के साथ दो अप्रैल की देर रात तिलक समारोह से घर लौट रहे थे। सुबह तक घर पर नहीं पहुंचे तो पिता रामनाथ व भाई ने चिनहट कोतवाली में सूचना दी। बृहस्पतिवार को जैदपुर क्षेत्र में उर्मिला का शव नहर के पानी में उतराता मिला। शुक्रवार को पहचान हुई तो पुलिस का ध्यान नहर की ओर गया। जांच में सामने आया कि देवा क्षेत्र में पुलिया के पास एक ‘एल’ आकार का तीखा मोड़ है। पुलिस ने खोजबीन कर समीप स्थित नहर से पवन की बाइक को खोज निकाला। इसके बाद ही पता चला कि पूरा परिवार इसी जगह बाइक समेत नहर में समा गया।
यह नहर देवा से जहांगीराबाद होते हुए चौपुला के पास दो भागों में बंट जाती है। शनिवार को घटनास्थल से करीब 23 किमी दूर सतरिख के बड़ापुरा गांव के पास नहर में पवन के पुत्र अर्पित का शव उतराता मिला। ठीक एक घंटे बाद ही करीब छह किमी दूर जहांगीराबाद क्षेत्र के कुसुंभा गांव के पास नहर में पुत्री रागिनी का शव भी मिल गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच पुलिस ने दोनों जगहों से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बिखर गया परिवार, पिता सदमे में
बेटे, बहू के साथ ही पोते व पाेती को खो चुके पवन के पिता रामनाथ के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह गहरे सदमे में हैं। पूछने पर फफक पढ़ते हैं। पोस्टमार्टम हाउस में शव लेने पहुंचे पवन के छोटे भाई अरविंद बदहवास दिखे। हादसे के बाद से पूरे गंगौली गांव में मातम है।