बाराबंकी। जिले के तीन थाना क्षेत्रों में इंटर की एक छात्रा व दो युवकों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटके मिले। प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस तीनों मामलों को आत्महत्या बता रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हाे पाएगा। तीनों परिवारों में कोहराम मचा है।
मसौली थाना क्षेत्र के बड़ागांव के मोहल्ला मझपटिया निवासी दयाराम वर्मा के विवाहित पुत्र उदयराज (30) खेती व मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक गाय भी थी, जिसका वे दूध बेचते थे। उदयराज की पत्नी तीन दिन पूर्व पांच साल के पुत्र को लेकर अपने पिता की तेरहवीं संस्कार में मायके गई थीं। मंगलवार की सुबह जब पड़ोस के बच्चे उदयराज के यहां दूध लेने के लिए गए तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला।
खिड़की से झांकने पर उदयराज का शव साड़ी से बने फंदे के सहारे छत के कुंडे से लटकता देख बच्चे सहम गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उदयराज आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे।
वहीं, सफदरगंज थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी विष्णु कुमार (35) मकानों में शटरिंग लगाने का कार्य करते थे। परिवार में पत्नी शशिबाला, पुत्री वर्षा (7), पुत्र वार्षिक (5) हैं। सोमवार की रात को खाना खाकर वे अपने कमरे में सोनेेे चले गए थे। छोटे भाई प्रमोद कुमार ने बताया कि रात में प्रमोद कब घर से निकले किसी को पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह गांव के बाहर स्थित एक तालाब के पास लगे आम के पेड़ से प्रमोद का शव कपड़े के बने फंदे के माध्यम से लटकता मिला पुलिस ने परिजनों से बात की, लेकिन मौत का कारण नहीं बत सके।
उधर, शहर के ओबरी मोहल्ले के निवासी कैलाश यादव की पुत्री अंकिता (16) का शव मंगलवार दोपहर मकान के अंदर छत के कुंडे से फंदे से लटका मिला। पुलिस ने परिजनों के बयान लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि