बाराबंकी। जवाहर लाल नेहरू स्मारक महाविद्यालय (जनेस्मा) का हाल देख जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी हैरत में पड़ गए। शिक्षा के मंदिर में ऐसा माहौल होगा सोचा नहीं था। कक्षाएं खाली पड़ी थीं, छात्र परिसर में घूम रहे थे। इससे इतर अधिकांश गुरुजी एक कमरे में बैठे मिले। वहीं, निरीक्षण के दौरान विज्ञान की कक्षाएं बंद मिलीं। दो प्रवक्ता, एक लाइब्रेरियन और छात्रावास की वार्डन भी गायब मिलीं। छात्रावास के कमरों में छात्र खाना बना रहे थे।
नाराज डीएम ने ज्वांइट मजिस्ट्रेट, सीओ और ईओ की टीम बनाकर जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही वार्डेन का वेतन रोकने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ज्वांइट मजिस्ट्रेट के साथ जनेस्मा का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान कॉलेज में छात्रों की उपस्थिति कम मिली। पठन-पाठन का माहौल नहीं दिखा। डीएम ने छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने और पठन-पाठन के लिए टाइमटेबल बनाने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा डीएम ने प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी, परीक्षा भवन, विज्ञान प्रयोगशाला को देखा। प्रयोगशाला में उपकरण न मिलने पर नाराजगी जताई। डीएम ने लाइब्रेरी में रखीं निष्प्रयोज्य वस्तुओं को हटाने, नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। छात्रावास में निर्माणाधीन शौचालय और पेयजल की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीताराम ने बताया कि डीएम के निरीक्षण में दो प्रवक्ता डॉ. एसके राय व डॉ. श्रद्धा राय, लाइब्रेरियन विजय कुमार और वार्डन के अनुपस्थित मिलने पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
सुधार का नहीं दिखा असर
तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने जनेस्मा की स्थिति को सुधारने के लिए काफी प्रयास किया। सेमिनार हॉल, छह कक्षाएं व पार्क बनाने के लिए रिलायंस व फेयरडील ब्रिटानिया सहयोग के लिए आगे आईं लेकिन इसका कोई असर दिखा। इसके लिए सीएसआर से 14 लाख रुपये की व्यवस्था भी कराई, लेकिन कोई सुधार नहीं दिखा।