बाराबंकी। कृषि विभाग के अफसरों व कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते जिले में इस समय यूरिया की जमकर कालाबाजारी हो रही है। हाल यह है कि किसान पचास से सौ रुपये अधिक दाम देकर खाद खरीदने को मजबूर है। इसके बावजूद अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इस समय नकली खाद की भी धड़ल्ले से सप्लाई हो रही है। खाद के लिए किसानों में हाहाकार मचा है। किसान जिले की समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि की छठवीं किश्त किसानों के खाते में भेजने के दौरान किसानों से एक अपील की। उन्होंने कहा कि किसान भाई क्या उनकी एक बात मानेंगे। कहा कि यूरिया का अधिक प्रयोग धरती मां की सेहत बिगाड़ रहा है। ऐसे में कम से कम दो बोरी यूरिया खेतों में कम डालें। इससे पैसे की बचत के साथ धरती मां को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
मगर, साढ़े तीन सौ रुपये प्रति बोरी मिलने वाली यूरिया के दाम घटकर करीब पौने तीन सौ रुपये हो गए तो उन्होंने अधिक मात्रा में इसका प्रयोग शुरू कर दिया। ऐसे में जिले में 50 मीट्रिक टन यूरिया के लक्ष्य से अधिक यूरिया उपलब्ध होने के बाद भी यूरिया की किल्लत सामने आ रही है।
हालांकि डीएम के आदेश पर रिजर्व के तौर पर रखी यूरिया जहां समितियों को उपलब्ध कराई गई, वहीं प्रतिदिन यूरिया की रैक जिले में पहुंच रही है। मगर, यूरिया की किल्लत को लेकर किसान भी जरूरत से अधिक यूरिया का स्टाक लगा रहे हैं। बुधवार को जिले भर में समितियों व इफको के केंद्र पर किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां किसान घंटो लाइन में लगे रहे लेकिन इसके बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल सकी।
किसान यूरिया के लिए सुबह से लेकर शाम तक दुकान के चक्कर काट रहे हैं मगर दुकानदार घर में बैठकर घर में रखी यूरिया बेच रहे हैं। बदोसराय क्षेत्र के कोटवाधाम, रानी कटरा खजुरी मदारपुर व आगनपुर सहित अन्य स्थानों पर दुकानदार अपने खास लोगों को महंगे दाम पर खाद दे रहे हैं। जो बोरी 260 से 270 तक थी वो आज 330 से लेकर 370 तक बेची जा रही है।
कमजोर किसान महंगी यूरिया नहीं खरीद पा रहे हैं। दरियाबाद ब्लॉक क्षेत्र स्थित सघन सरकारी समिति खजुरी में कल खाद आयी थी मगर रात में अपने खास लोगों को मंहगे दम पर बेच दी गई जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया मगर सुबह सारी खाद खत्म कर वहां तैनात कर्मी फरार हो गया। वहीं जैदपुर, हैदरगढ़, रामनगर व रामसनेहीघाट आदि इलाकों के किसान भी परेशान हैं।
सूत्र बताते हैं कि कृषि विभाग के कुछ बाबुओं की मिलीभगत से जिले में बिचौलिये नकली खाद भी भारी मात्रा में सप्लाई कर रहे हैं। कई बार पुलिस ने ऐसे मामले पकड़े हैं जिसमें ये आरोपी नमक से बनी नकली खाद बनाकर बेच रहे थे। अब जब खाद की किल्लत है तो फिर से सक्रिय ये माफिया नकली खाद बेचने लगे हैं लेकिन विभाग के अफसर जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि किसान अपनी फसलों में यूरिया का कम प्रयोग करें क्योंकि यूरिया का अधिक प्रयोग किए जाने की बात स्वयं प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कही है। ऐसा करने से किसानों को खाद की किल्लत नहीं होगी। जिले में लक्ष्य से अधिक यूरिया आ चुकी है। दो दिनों में कई और रैक आने वाली है। प्राइवेट दुकानों के साथ ही समितियों पर भी यूरिया भेजी जा रही है।