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भड़के भाजपाइयों ने फूंका डीएम का पुतला

Fri, 15 Dec 2017 11:35 PM IST
बाराबंकी
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भाजपा कार्यकर्ता व किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे के विरोध में पटेल तिराहा पर डीएम का पुतला फूंककर प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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सिरौलीगौसपुर तहसील के चैला गांव में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने को लेकर सांसद प्रियंका सिंह रावत और ट्रेनी आईएएस एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी के बीच हुए विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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देर रात एसडीएम ने भाजपा सांसद के प्रतिनिधि समेत कब्जेदारों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर चार अलग-अलग केस दर्ज कराए। केस दर्ज होने की जानकारी के बाद भड़के भाजपाइयों ने सांसद आवास से जुलूस निकाल कर पटेल तिराहे पहुंच जिलाधिकारी का पुतला फूंका।

गुस्साए भाजपाई डीएम वापस जाओ के नारे लगाते रहे, उनसे मिलने या रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन का एक अदना सा कर्मचारी भी कहीं दिखाई नहीं पड़ा। बाद में भाजपाइयों ने एएसपी को तहरीर देकर एसडीएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। दोनों तरफ से कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। इस लड़ाई को लेकर सरकार की किरकिरी होना तय माना जा रहा है। 
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मालूम हो कि सिरौलीगौसपुर एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी, प्रधानाध्यापक रिजवान, लेखपाल महेंद्र जायसवाल व नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह ने अलग-अलग तहरीर देकर गुरुवार की देर रात सांसद प्रतिनिधि राजेश वर्मा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह समेत 16 नामजद व 31 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

वहीं आलोक सिंह पर तीन, बृजेश सिंह, उमाशंकर व कृष्णशंकर पर दो दो मुकदमे दर्ज कराए गए। मामले की जानकारी होने पर सांसद समर्थकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। सांसद प्रतिनिधि राजेश वर्मा की अगुवाई में शुक्रवार को भारी संख्या में भाजपाई सांसद आवास पर एकत्र हुए।

उसके बाद जुलूस निकालकर ‘डीएम मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए पटेल तिराहा पहुंचे। वहां पर आक्रोशित सांसद समर्थकों ने डीएम का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। भाजपाई एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को लेकर एसपी कार्यालय जुलूस निकालते पहुंचे।

पीड़ित ग्रामीण राजाराम, रामखेलावन व सुनीता देवी ने एएसपी शशिकांत तिवारी को तहरीर देकर एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी, नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह, कानूनगो स्वामीनाथ सोनी, लेखपाल महेंद्र जायसवाल, शुभेंद्र अवस्थी व सुधांशु कटियार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इस मौके पर विवेकानंद पांडेय, रमेश चंद्रा, धीरेंद्र वर्मा, अवधेश वर्मा, अश्विनी, सौरभ आदि मौजूद रहे। 

भाजपाइयों पर चार अधिकारियों ने दर्ज कराए केस 
>> सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक रिजवान ने चैला गांव के उदयभान सिंह व गोकरन सिंह पर विद्यालय की भूमि पर अवैध रूप से मकान बनाकर राजकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाने की धारा 3/4 में लिखाई रिपोर्ट। 
>> क्षेत्रीय लेखपाल महेंद्र जायसवाल ने आलोक सिंह व अवनीश सिंह पर नवीन परती की भूमि, खेल के मैदान पर पक्का निर्माण कर अवैध कब्जा कर राजकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाने की धारा 3/4 में लिखाया मुकदमा। 
>> नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह ने संतोष पांडेय, आलोक सिंह, उमाशंकर, बृजेश सिंह, कृष्णशंकर व पांच अज्ञात के खिलाफ 149, 353 आईपीसी की धाराओं ने एफआईआर दर्ज कराई। 
>> एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बृजेश सिंह, संतोष पांडेय, आलोक सिंह, कृष्णशंकर, उमाशंकर, रमेश चंद्रा, राजेश वर्मा, तीन अन्य परिचित व 25 अज्ञात के खिलाफ 147,149, 353, 332, 504,186, 342 आईपीसी व 3/4 की धाराओं में केस दर्ज कराया है। 

यह था पूरा मामला  : सिरौलीगौसपुर तहसील के चैला गांव में तालाब व सरकारी जमीन पर कई लोगों ने अवैध कब्जा व सरसों, गेहूं की फसलें भी बो रखी थीं। एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी के आदेश पर नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह की अगुवाई में पुलिस के साथ राजस्व टीम बुधवार को अवैध कब्जा हटाने गई थी। फसल की जोताई करने पहुंचे ट्रैक्टर के आगे आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध करते हुए व भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने सांसद को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची सांसद प्रियंका सिंह रावत ग्रामीणों की बात सुने बिना कार्रवाई करने पर एसडीएम पर बिफर पड़ी थीं। जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 

20 मिनट तक जाम से जूझे लोग : भाजपाइयों द्वारा पुतला फूंकने के बाद कुछ कार्यकर्ता ‘जिलाधिकारी मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए बीच सड़क पर पहुंचे और मार्ग जाम कर दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही, पर वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने किसी भी कार्यकर्ता का हटाने का साहस नहीं दिखाया। यही नहीं, इस बीच कई अधिकारी चुपचाप गाड़ियों में बैठ खिसक गए।
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