बाराबंकी। अंबेडकरनगर और रायबरेली के बाद अब बाराबंकी में भी फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ऐसी पीएचसी के नाम जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जहां पर प्रसव कराए जाने की सुविधा ही नहीं है। मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और पूरे मामले की जांच सीएचसी अधीक्षक से करा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिकैतनगर के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरहा आता है। यहां पर प्रसव नहीं होते हैं, इसके बाद इस अस्पताल के नाम पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के मामले सामने आ रहे हैं। पूरेडलई निवासी राकेश और सिरौलीगौसपुर निवासी काली प्रसाद ने बताया कि वे अपनी पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह समारोह में करना चाहते थे, लेकिन आधार कार्ड में उम्र कम दर्ज थी।
दोनों ने टिकैतनगर के जनसेवा केंद्र संचालक ऋषभ गुप्ता से संपर्क किया, तो उन्होंने जन्म प्रमाणपत्र बनवाया और फिर आधार कार्ड में उम्र के संशोधन की बात कही। यह सौदा 7200 रुपये में हुआ। मामले का राजफाश तब हुआ, जब पीड़ित आधार अपडेट कराने गए तो जन्म प्रमाणपत्र आनलाइन नहीं दिखे। पीएचसी प्रभारी गोबरहा डॉ. प्रमोद बताते हैं कि उनके यहां न तो प्रसव होते हैं और न ही जन्म प्रमाण पत्र ही जारी किए जाते हैं।