मंगलवार को 7 बजकर 20 मिनट पर जीआईसी शहर में बायोमेट्रिक मशीन से लाइन लगाकर हाजिरी लगाते शिक्षक।
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राजकीय और अनुदानित इंटर कॉलेजों में मंगलवार से शुरू हुई बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के पहले दिन ही माध्यमिक शिक्षा की चरमराई व्यवस्था की पोल खुल कर सामने आ गई। गुरु जी कई दिनों बाद विद्यालय समय पर पहुंचे पर प्रधानाचार्यों की लापरवाही कई जगह कायम रही।
हालात यह रहे कि कुछेक कॉलेजों में बायोमीट्रिक मशीन लगी होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया गया और शिक्षक रजिस्टर पर ही हस्ताक्षर करते रहे। वहीं जिला मुख्यालय के जीआईसी में तो हद हो गई। प्राचार्या की लेटलतीफी के अभाव में शिक्षक बायोमीट्रिक सिस्टम पर हाजिरी लगाने के लिए काफी देर तक खड़े रहे। किसी दूसरे शिक्षक द्वारा प्राचार्य का कार्यालय खोले जाने के बाद ही नाराज शिक्षकों ने बायोमीट्रिक सिस्टम पर अपनी हाजिरी लगाई।
एक-दो कॉलेजों में सुबह नौ बजे तक ताला लटकता रहा तो कई जगह बायोमीट्रिक मशीन ही नहीं लगी थी। किसी ने बजट का रोना रोया तो किसी ने बिजली के न होने का बहाना निकाला। फतेहपुर की राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में बायोमेट्रिक सिस्टम पर केवल टीचर व प्राचार्य ही नहीं बल्कि बच्चों तक ने हाजिरी लगाई।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जैदपुर में भी नौ बजे तक कोई टीचर व स्टाफ नहीं पहुंचा था जबकि छात्राएं आठ बजे ही विद्यालय पहुंच गई थी। शिक्षकों से जब बायोमीट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगाने की बात पूछी गई तो शिक्षकों ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है और न ही इस बारे में कुछ बताया गया है।
जिन विद्यालयों में प्रिंसिपल व शिक्षक देर से पहुंचे थे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जिन राजकीय विद्यालयों में प्रिंसिपल व कर्मचारियों की फीडिंग नहीं है। उन कॉलेेजों में फीडिंग कराई जाएगी। -नंदलाल, जिला विद्यालय निरीक्षक