बाराबंकी। जैदपुर थाना क्षेत्र के बरौली मलिक गांव स्थित बैंक ऑफ इंडिया में करीब 60 लोगों के नाम से करोड़ों का ऋण निकालकर हजम करने वाले बैंक मैनेजर और उसके साथियों की गिरफ्तारी तो इस पूरे खेल का ट्रेलर मात्र है। जांच में पता चला है कि इस खेल में कम से कम 10 लोग शामिल हैं। इसी गिरोह ने लखनऊ की खुर्रमनगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया में भी बैंक मैनेजर से मिलकर बड़ा गबन किया है। अभी तो कई मुकदमे दर्ज होंगे।
जैदपुर थाना क्षेत्र के बरौली मलिक स्थित बैंक ऑफ इंडिया में करीब 60 लोगों के नाम से करोड़ों का ऋण निकालने के मामले में जैदपुर थाने में बैंक मैनेजर समेत कई पर चार मुकदमे दर्ज हैं। रविवार को पुलिस ने कंचनपुर मटियारी लखनऊ निवासी बैंक मैनेजर अमन वर्मा, तेलीबाग निवासी बैंककर्मी शैलेंद्र प्रताप पंकज व मास्टर माइंड सुरेश मधु रावत को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में बैंककर्मी समेत कम से कम 10 लोग शामिल हैं। यह लोग गांव-गांव जाकर भोले-भाले ग्रामीणों को मुद्रा ऋण, केसीसी आदि के नाम पर बैंक लाकर हस्ताक्षर करवाते थे।
लखनऊ के खुर्रमनगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में भी इसी गिरोह ने बड़े पैमाने पर लोगों के नाम से करोड़ों का ऋण निकाला हैं। खुर्रमनगर ब्रांच के एक मैनेजर की मिलीभगत पाई जा रही है। जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी होगी। दोनों जिलों की बैंकों में मास्टरमाइंड के रूप में सुरेश मधु रावत ही सामने आ रहा है।
सीओ सदर सुमित त्रिपाठी बताते हैं कि पुलिस हर एक बिंदु पर जांच कर रही है। कई पीड़ित और सामने आए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी गिरोह ने खुर्रमनगर में भी गबन किया। बैंक को चपत लगाने वाले बैंक मैनेजर और उसके साथियों पर गैंगस्टर लगाया जाएगा। वहीं, सूत्रों के मुताबिक बैंक इनको बर्खास्त करने की तैयारी कर रही है। गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद इनकी संपत्ति की कुर्की भी होगी।
सतरिख में एक साथ तीन मुकदमे दर्ज
बिना फूटीकौड़ी मिले लाखों के कर्जदार हुए लोग सामने आ रहे हैं। तीन पीड़ितों की तहरीर पर सोमवार देर शाम सतरिख थाने में बरौली मलिक के तत्कालीन बैंक मैनेजर अमन वर्मा और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ नारद मुनि सिंह ने इसकी पुष्टि की।