मरने के बाद भी लोगों का हित सोचने वाले समाज के लिए मिसाल होते हैं। ऐसी ही एक और मिसाल नरायनभारी के भारतलाल बन गए हैं। इनके निधन से दो नेत्रहीनों की अंधियारी जिंदगी में उजियारा होगा तो शरीर मेडिकल की पढ़ाई के काम आएगा।
भारतलाल की मौत केजीएमयू लखनऊ में ही उपचार के दौरान हो गई थी जिससे डॉक्टरों ने आंखों की कार्नियां तो वहीं निकाल ली जबकि परिवारीजन अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर घर ले आए थे। सोमवार को केजीएमयू के देहदान विभाग से आई टीम भारत के शरीर को लेकर लखनऊ रवाना हो गई। देहदान का जनपद में यह सातवां मामला है।
देवा कोतवाली के नरायन भारी गांव निवासी 76 वर्षीय भारतलाल की मौत रविवार की शाम केजीएमयू लखनऊ में उपचार के दौरान ही हो गई थी। पुत्रों की सूचना पर नेत्र विभाग की टीम ने दोनों आंखों की कार्निया निकाल ली थी। परिवारीजन व ग्रामीण भी इस महादानी के अंतिम दर्शन कर सकें इसके लिए परिवारीजन भारत के शव को लेकर घर चले आए थे।
बाद में इसकी सूचना केजीएमयू के देहदान विभाग को दी गई। जिस पर सोमवार की दोपहर देहदान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके पांडेय के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम नरायनभारी गांव पहुंची और शव को अपने साथ लखनऊ लेकर चली गई। सभी से इन महादानी का अश्रुपूरित विदाई दी।