इस पर उन्हें मतदान केंद्र से निराश होकर लौटना पड़ा। इस बात की जानकारी अधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया।
डीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके साथ सूची संशोधन में कर्मचारियों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में जिले के चार ब्लॉक क्षेत्र में मंगलवार को वोट डाले गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी वर्मा भी अपने पैतृक गांव सिरौलीगौसपुर के केंद्र पर मतदान करने पहुंचे।
दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे वे अपना मतदाता पहचान पत्र लेकर केंद्र पहुंचे तो मतदान कर्मियों ने सूची में उनका नाम खोजा। काफी देर तक कोशिश के बावजूद नाम नहीं मिला।
पता चला कि सूची से बेनी वर्मा का नाम कट गया। उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम में दर्ज थे। नाम कटने की शिकायत बेनी वर्मा ने पीठासीन अधिकारी से दर्ज कराई और बिना वोट डाले ही लौट गए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री का नाम सूची से गायब होने की जानकारी होने पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इतनी बड़ी चूक की जांच के आदेश दिए गए।
उधर बेनी वर्मा के प्रतिनिधि मोहम्मद सबाह ने इस मामले की लिखित शिकायत डीएम और निर्वाचन आयोग से की है।