बाराबंकी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को लखनऊ-अयोध्या हाईवे के असेनी मोड़ के पास स्थित वेदम वर्ल्ड स्कूल में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे जिले के एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के साथ एआई के नुकसान व फायदों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन ठगी से बचने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर सीनियर वाइस प्रेसीडेंट शिव पांडेय, मनिका कोचर आदि मौजूद रहीं।
........................................
सोशल मीडिया का इस्तेमाल जरा बच के
- सोशल मीडिया को सीखने का माध्यम बनाएं, इसका उपयोग शिक्षा, ज्ञान और नई जानकारी हासिल करने के लिए करें
- फर्जी खबरों से बचें, किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।
- निजी जानकारी सुरक्षित रखें पासवर्ड, ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें।
- समय का सदुपयोग करें सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय बर्बाद करने से बचें।
- सकारात्मक सोच के साथ इस्तेमाल करें अच्छी सामग्री साझा करें और सम्मानजनक व्यवहार रखें।
...............................
सवाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल साइबर ठगी में कैसे किया जा रहा है?
जवाब: साइबर अपराधी एआई की मदद से नकली आवाज, वीडियो और फोटो बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इसलिए पहले पुष्टि जरूर करें।
.........................
सवाल: डिजिटल अरेस्ट क्या है?
जवाब: ठग पुलिस, सीबीआई या अन्य अधिकारी बनकर वीडियो कॉल कर लोगों को तब तक डर में लिए रहते है जब तक उनसे पैसे न ऐंठ ले। कोइग्र् भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।
.........................
सवाल: डीपफेक वीडियो क्या होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है?
जवाब: एआई की मदद से बनाए गए नकली वीडियो या फोटो को डीपफेक कहते हैं। ऐसे वीडियो देखने में असली जैसे होते हैं। उसकी सत्यता जांचनी चाहिए।
.........................
सवाल 3: सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित कैसे रखें?
जवाब: मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। पासवर्ड बदलते रहे। अक्षर, संख्या सभी का प्रयोग करें।
...........................
सवाल: साइबर ठग बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए कौन नए तरीके अपना रहे हैं?
जवाब: ठग फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट, नकली कस्टमर केयर नंबर, फर्जी लिंक और स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए लोगों की जानकारी हासिल करते हैं। ऐप को डाउनलोड करवाते हैं।