बाराबंकी में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार रात लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर सफेदाबाद कस्बे के पास कार्रवाई करते हुए भाड़े पर हत्या करने वाले लखनऊ के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। उनका एक साथी कार समेत भागने में सफल रहा। पकड़े गए आरोपियों के पास से बिहार निर्मित दो पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया गया है। पूछताछ में बिहार से लेकर यूपी तक फैले हथियार तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह को सोमवार को सूचना मिली थी कि लखनऊ के कुख्यात अपराधी रामकेश, श्रीकृष्ण और रिंकू, जो हाल ही में जेल से छूटे हैं। असलहा तस्कर अजय यादव उर्फ प्रिंस से हथियार खरीदने सफेदाबाद आने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने देर शाम इलाके में जाल बिछाया। रेलवे क्रॉसिंग के पास एक कार और बाइक पर चार संदिग्ध दिखाई दिए। टीम के पहुंचते ही चारों भागने लगे।
पीछा कर तीनों को पकड़ा
पीछा कर तीन को दबोच लिया गया, जबकि एक कार समेत फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में मलिहाबाद का अजय यादव और किशनखेड़ा, काकोरी के श्रीकृष्ण और राकेश लोधी ( शामिल है। एसटीएफ पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि श्रीकृष्ण और राकेश लोधी काकोरी क्षेत्र में पूर्व ब्लॉक प्रमुख पर हमले और हत्या की वारदात में शामिल रहे हैं।
इस मामले में दोनों आरोपी कुछ समय पहले ही जेल से रिहा हुए थे। इनके गिरोह को हत्यारा गैंग 34/2024 के रूप में चिन्हित किया गया है। अजय यादव ने बताया कि वह बिहार से अवैध असलहे लाकर यूपी के अपराधी गिरोहों को सप्लाई करता है। उसके साथी आदित्य अवस्थी और एक अन्य तस्कर इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
35000 का पिस्टल यूपी में बिकता 60000 में
पूछताछ के दौरान अजय यादव ने बताया कि बिहार से पिस्टल 30 से 35 हजार रुपये में खरीदकर यूपी में 50 से 60 हजार रुपये तक में बेच देता है। उसने अब तक दर्जनों असलहे बेचने की बात कबूल की है।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क से कई बड़े अपराधी और गिरोह जुड़े हैं। पुलिस टीम अब फरार साथी लखनऊ निवासी रिंकू की तलाश में दबिश दे रही है। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों और उनके तीन अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है